Gaza Ceasefire: हमास ने बोर्ड ऑफ पीस से की बड़ी मांग, इसराइल को युद्धविराम मानने के लिए मजबूर करने को कहा

Praggya Singh sabal16 August 20262 min read51 viewsWorld
Gaza Ceasefire: हमास ने बोर्ड ऑफ पीस से की बड़ी मांग, इसराइल को युद्धविराम मानने के लिए मजबूर करने को कहा

गाजा में चल रहे तनाव के बीच हमास ने अमेरिका समर्थित बोर्ड ऑफ पीस से एक अहम अपील की है। हमास ने इस बहुराष्ट्रीय निकाय से दखल देने और इसराइल को गाजा शांति रोडमैप के नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करने की बात कही है। इस पूरी स्थिति पर मिस्र में हाल ही में कई बैठकें हुईं, जिनमें हमास के नेता खलील अल-हय्या ने अमेरिकी दूत जेड कुशनर को अपनी बात साफ-साफ बताई।

शस्त्र त्याग को लेकर हमास की शर्त

हमास के नेताओं ने साफ किया कि उनका समूह हथियार छोड़ने वाले चरण यानी डिसआर्मामेंट फेज के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन इसके लिए एक बड़ी शर्त रखी गई है, जिसके तहत इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को प्रस्तावित शर्तों पर सार्वजनिक रूप से सहमति देनी होगी। यह मांग ऐसे समय पर सामने आई है जब कूटनीतिक स्तर पर बातचीत बहुत तेजी से चल रही है और अमेरिकी दूत कुशनर आगामी 17 अगस्त को इसराइली नेतृत्व के साथ आगे की चर्चा करने की तैयारी कर रहे हैं।

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इसराइल का रुख और राजनीतिक हालात

बोर्ड ऑफ पीस की तरफ से लगातार शांति स्थापित करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसकी अध्यक्षता डोनाल्ड ट्रम्प कर रहे हैं। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस शांति योजना को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक हमास के पास से पूरी तरह हथियार नहीं खत्म किए जाते, तब तक सैन्य अभियान लगातार जारी रहेगा। जानकारों का मानना है कि आगामी 27 अक्टूबर को होने वाले नेसेट चुनाव से पहले इस इसराइली रुख में किसी भी तरह के बदलाव की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

आठ देशों के विदेश मंत्रियों का साझा बयान

इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सऊदी अरब, मिस्र और कतर समेत कुल आठ देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में इसराइल पर 15-सूत्रीय शांति रोडमैप में लगातार बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इन देशों का कहना है कि इसराइल के रवैये की वजह से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जमीनी हकीकत और मानवीय संकट

गाजा की जमीन पर हालात दिन-प्रतिदिन बहुत ज्यादा खराब होते जा रहे हैं। मौजूदा समय में इसराइल का नियंत्रण गाजा के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से पर है, जो मौजूदा युद्धविराम समझौते की तय सीमा से काफी ज्यादा है। हाल ही में नुसीरात के पास इसराइली एयरस्ट्राइक की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं। इसराइली रक्षा बलों (IDF) ने इन हमलों के पीछे मिलिटेंट खतरों का हवाला दिया है। दूसरी तरफ, बोर्ड ऑफ पीस में निकोलाई म्लादेनोव और टोनी ब्लेयर जैसी बड़ी हस्तियां शामिल हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र समर्थित युद्धविराम के नियमों को लागू कराने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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