गज़ा में जारी सैन्य कार्रवाई से भड़के 8 देश, युद्धविराम समझौते पर संकट के बादल

6 अगस्त 2026 को कतर सहित आठ अरब और इस्लामिक देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर गज़ा पट्टी में इज़राइल द्वारा किए जा रहे सैन्य उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। इन देशों ने स्पष्ट किया है कि इज़राइली सैन्य कार्रवाई की वजह से उस शांति योजना के दूसरे चरण के लागू होने में बड़ी बाधा आ रही है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेश किया था और जिसे फ़िलिस्तीनी गुटों ने स्वीकार कर लिया था। यह स्थिति पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर मानवीय चुनौती बन गई है।
शांति प्रक्रिया पर गहराता संकट
इस संयुक्त बयान पर कतर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्किये, सऊदी अरब और मिस्र ने हस्ताक्षर किए हैं। इन देशों का कहना है कि इज़राइल ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, गज़ा में स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा केंद्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं। इन देशों ने चेतावनी दी है कि यदि ये सैन्य गतिविधियां नहीं रुकीं, तो राजनीतिक प्रक्रिया पूरी तरह से विफल हो जाएगी और क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ जाएगा।
क्या कहते हैं आधिकारिक आंकड़े
फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) के प्रवक्ता नबील अबू रुदैनेह ने 5 अगस्त 2026 को चिंता जताते हुए कहा कि युद्धविराम का दूसरा चरण केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। उन्होंने जानकारी दी कि केवल एक दिन पहले ही गज़ा में 18 लोगों की मौत हुई है। आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो अक्टूबर 2025 में शांति योजना पर सहमति बनने के बाद से अब तक कम से कम 1,230 लोग इज़राइली हमलों में मारे जा चुके हैं। अबू रुदैनेह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह इज़राइल पर दबाव बनाए ताकि युद्धविराम को लागू कराया जा सके और फ़िलिस्तीनियों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान की जा सके।
राजनयिक कोशिशें और मौजूदा गतिरोध
इस बीच, शांति स्थापना के लिए राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है। बोर्ड ऑफ पीस (BoP) के गज़ा मामलों के उच्च प्रतिनिधि निकोलाई म्लादेनोव ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक विस्तृत बातचीत की है। इस चर्चा में नए निरस्त्रीकरण सौदे पर बात हुई और हमलों को रोकने का आग्रह किया गया। हालांकि, इज़राइल ने BoP के प्रस्तावित रोडमैप को खारिज कर दिया है। इज़राइल की मांग है कि किसी भी तरह की सैन्य वापसी से पहले हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण होना चाहिए। इसके विपरीत, हमास ने स्पष्ट किया है कि वह युद्धविराम के दूसरे चरण के लिए पहले से तय शर्तों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर बनाए हुए है कि क्या यह शांति प्रक्रिया फिर से पटरी पर लौट पाएगी या गतिरोध और लंबा खिंचेगा।