गाजा में संघर्ष जारी, मौत का आंकड़ा पहुंचा 73,420, मानवीय संकट से घिरे 21 लाख लोग.

Aanya23 August 20262 min read83 viewsWorld
गाजा में संघर्ष जारी, मौत का आंकड़ा पहुंचा 73,420, मानवीय संकट से घिरे 21 लाख लोग.

गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं और वहां मेडिकल सोर्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि इस संघर्ष में मरने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या बढ़कर कम से कम 73,420 हो गई है। फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी वाफा और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग के अनुसार, 23 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों में यह बात सामने आई है कि इस दौरान कुल 174,369 लोग घायल भी हुए हैं। यह पूरा संघर्ष अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ था और तब से लेकर अब तक आम जनता लगातार इस तबाही का शिकार बन रही है। आंकड़े बताते हैं कि 23 अगस्त 2026 से पहले के 48 घंटों में गाजा के अस्पतालों में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई और पांच अन्य लोग घायल हुए।

युद्धविराम के बाद भी जारी हैं हमले

अक्टूबर 2025 की 11 तारीख को जब संघर्ष विराम समझौता लागू हुआ था, तब से लेकर अब तक 1,286 अतिरिक्त फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 4,257 लोग घायल हुए हैं। हाल ही में 23 अगस्त 2026 को मध्य गाजा पट्टी में सालाह अल-दिन स्ट्रीट के पास एक इजरायली हवाई हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। इस मामले पर इजराइल डिफेंस फोर्सेज का कहना था कि उन्होंने मघाजी शरणार्थी शिविर के पास एक आतंकी ऑपरेटिव को निशाना बनाया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे इलाके में लगभग 90% नागरिक बुनियादी ढांचा या तो क्षतिग्रस्त हो चुका है या पूरी तरह से नष्ट हो चुका है, जिससे आम लोगों का जीवन नर्क बन गया है।

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी और मानवाधिकार के मुद्दे

संयुक्त राष्ट्र कार्यालय समन्वय मानवता मामलों ने 22 अगस्त 2026 को यह चेतावनी जारी की थी कि करीब 2.1 मिलियन नागरिकों को तुरंत आश्रय और सुरक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि चौथे जिनेवा कन्वेंशन 1949 के तहत नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। फिलिस्तीन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रमुख अजित सुंघाई ने 21 अगस्त 2026 को यह बयान दिया था कि चल रहे इन हमलों के पीछे किसी भी तरह की सैन्य आवश्यकता को पहचानना बहुत कठिन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की अंधाधुंध कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है। इस पूरी रिपोर्ट और ताजा हालातों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ReliefWeb Report पर पूरी जानकारी देख सकते हैं।

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