Gaza News: गाजा में तंबुओं की जगह पारंपरिक मिट्टी के घरों का निर्माण, निर्माण सामग्री पर लगे प्रतिबंध से बढ़ी लोगों की मुश्किलें

Sushma Kumari25 August 20262 min read32 viewsWorld
Gaza News: गाजा में तंबुओं की जगह पारंपरिक मिट्टी के घरों का निर्माण, निर्माण सामग्री पर लगे प्रतिबंध से बढ़ी लोगों की मुश्किलें

गाजा में विस्थापित हुए एक फिलिस्तीनी नागरिक ने भीषण गर्मी और तंबू की जिंदगी से राहत पाने के लिए एक पारंपरिक मिट्टी की ईंटों से घर का निर्माण किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इजरायल की ओर से लंबे समय से निर्माण सामग्री के आयात पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन प्रतिबंधों के कारण आम लोगों को बुनियादी आश्रय मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और लोग मजबूरी में تباہ हुए घरों के मलबे और मिट्टी का उपयोग करके रहने के लिए जगह बना रहे हैं।

सामग्री पर कड़ा प्रतिबंध और मानवीय संकट

अलजजीरा इंग्लिश की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम गाजा के विस्थापित परिवारों के बीच तेजी से बढ़ती एक नई मजबूरी को सामने लाता है। इजरायल द्वारा यह नाकाबंदी साल 2007 से लागू की गई है, जिसे अक्टूबर 2025 से और अधिक सख्त बना दिया गया है। नए प्रतिबंधों के दायरे में अब तिरपाल, स्लीपिंग बैग और फ्लैशलाइट जैसी बेहद जरूरी राहत सामग्रियां भी शामिल कर ली गई हैं, जिससे गाजा के लोगों की जिंदगी और अधिक कठिन हो गई है।

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लाखों लोगों को है आश्रय की सख्त जरूरत

नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन द्वारा संचालित 'शेल्टर क्लस्टर' ने अपनी रिपोर्ट जिसका शीर्षक 'Exposed on All Sides' है, में बताया कि लगभग 1.98 मिलियन यानी कुल आबादी का 94 प्रतिशत हिस्सा गंभीर रूप से आश्रय और घरेलू सहायता की मांग कर रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए ReliefWeb Report पर पूरी रिपोर्ट देख सकते हैं। जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, हर दस में से केवल एक परिवार को ही किसी प्रकार की सहायता मिल पाई है, जबकि कंबल और तंबुओं का स्टॉक लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका है।

संयुक्त राष्ट्र और चिकित्सा संगठनों की चिंता

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने जानकारी दी कि मानवीय सहायता पहुंचाने वाले साझीदार संगठनों को इस इलाके में हालात सुधारने के लिए कुल $562 million फंड की आवश्यकता है। उन्होंने फंडिंग की कमी और लगातार जारी इजरायली बाधाओं को राहत सामग्री की आपूर्ति में सबसे बड़ी रुकावट बताया है। इसके अलावा, डॉक्टर्स विदाउट सीमा यानी MSF ने भी स्पष्ट किया कि इजरायली अधिकारियों द्वारा एम्बुलेंस और पानी के पंपों के लिए जरूरी स्पेयर पार्ट्स और इंजन ऑयल के प्रवेश पर भी रोक लगाई जा रही है।

इजरायली रक्षा निकाय COGAT का यह तर्क है कि हमास द्वारा मानवीय सहायता का दुरुपयोग रोके जाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया बेहद आवश्यक है। इसके बावजूद, विभिन्न मानवीय संगठन लगातार इस नाकाबंदी को तुरंत समाप्त करने की मांग कर रहे हैं ताकि गाजा के नागरिकों के जीवित रहने के लिए निर्माण मशीनरी, सौर ऊर्जा उपकरण और ईंधन की समय पर एंट्री सुनिश्चित की जा सके।

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