Gaza Crisis: गाजा में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 50 डिग्री के पार, पीने के पानी की भारी किल्लत से लोग परेशान.

गाजा में विस्थापित फिलिस्तीनी लगातार तीसरे साल भीषण गर्मी के प्रकोप का सामना करने को मजबूर हैं। इलाके के अस्थायी तंबुओं में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे वहां के हालात बद से बदतर हो गए हैं। इस भीषण गर्मी और बुनियादी ढांचे की भारी तबाही के बीच आम लोगों की जिंदगी नर्क बन गई है।
बिजली और पानी की भारी किल्लत
गाजा की कुल 21 लाख की आबादी में से करीब 19 लाख लोग विस्थापन का दर्द झेल रहे हैं। राहत एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली, साफ पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी के कारण मानवीय संकट गहराता जा रहा है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि गाजा के 90 प्रतिशत घरों को मध्यम से लेकर गंभीर जल असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। पानी की इस भयंकर कमी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियां फैलने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
राहत सामग्री पर लगी रोक और अस्पतालों की बदहाली
क्षेत्र में शांति और राहत को लेकर कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन इसके बावजूद जरूरी सामानों की आपूर्ति पर कड़ी पाबंदियां लगी हुई हैं। 'डक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' जैसे मानवीय संगठनों ने बताया कि इंजन ऑयल और स्पेयर पार्ट्स जैसी जरूरी चीजों पर रोक लगा दी गई है। इन सामानों के अभाव में अस्पताल के जनरेटर और पानी के पंप जैसे अहम बुनियादी ढांचे ठप पड़ने की कगार पर पहुंच गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं पर 45 बार हमले किए गए हैं। अक्टूबर 2023 में संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक गाजा में कुल 74,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस गंभीर मानवीय स्थिति की पूरी जानकारी आप ReliefWeb Report पर देख सकते हैं।