गाजा में गहराया मानवीय संकट, खाने-पानी और ईंधन की भारी कमी से जूझ रहे लाखों परिवार

Praggya Singh sabal20 August 20262 min read80 viewsWorld
गाजा में गहराया मानवीय संकट, खाने-पानी और ईंधन की भारी कमी से जूझ रहे लाखों परिवार

गाजा में हालात दिन-प्रतिदिन बहुत खराब होते जा रहे हैं और वहां के आम परिवारों को गंभीर मानवीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि छोटे-छोटे बच्चों को अपने घरों की जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है और वे बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 20 अगस्त 2026 तक की स्थिति के अनुसार, दक्षिणी गाजा में अपने घरों से बेघर हुए परिवार गर्मियों की तेज धूप में अस्थायी तंबू के नीचे रहने को मजबूर हैं। इन तंबुओं में ठंडक पाने का कोई साधन नहीं है और लोग केवल चावल और दाल जैसी बुनियादी चीजों पर निर्भर हैं, जबकि कई छोटे बच्चों को गंभीर कुपोषण का सामना करना पड़ रहा है।

गाजा में आवास और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी

नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल के नेतृत्व वाले शेल्टर क्लस्टर की एक रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में लगभग 1.98 मिलियन यानी 94% फिलिस्तीनी आबादी को तुरंत आवास और घरेलू सामान की सख्त जरूरत है। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि चार में से पांच से ज्यादा परिवार बेहद खतरनाक और दयनीय स्थिति में जीवन बिता रहे हैं। इनमें से 64% परिवार ऐसे हैं जो अपने खाने और पीने के पानी को सुरक्षित रखने में असमर्थ हैं। इसके अलावा, 98% परिवारों ने बताया कि उनके रहने की जगह से मात्र 10 मीटर की दूरी पर सीवेज, कचरा, चूहे और आवारा कुत्ते जैसी गंभीर पर्यावरण समस्याएं मौजूद हैं। इस पूरी रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी के लिए आप ReliefWeb रिपोर्ट पर जा सकते हैं।

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नेशनल शेल्टर क्लस्टर की कोऑर्डिनेटर जेहान सलीम ने दान देने वाले देशों से अपील की है कि वे इजरायल पर दबाव बनाएं ताकि तंबू, निर्माण सामग्री और पानी स्टोर करने वाले उपकरणों को गाजा में आने दिया जाए। ऐसा होने पर ही परिवारों को सोने, खाना बनाने और कपड़े धोने के लिए सुरक्षित जगह मिल सकेगी।

ईंधन खत्म होने से ठप होने की कगार पर सेवाएं

गाजा में लगातार खत्म हो रहे ईंधन की वजह से मानवीय सहायता के काम भी बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। 19 अगस्त 2026 को ओछा, UNDP, यूनिसेफ, WFP और WHO सहित कई संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के एक समूह ने चेतावनी दी थी कि अगर ईंधन पूरी तरह खत्म हो गया, तो अस्पताल, साफ पानी का उत्पादन, साफ-सफाई और बेकरी का काम पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसका सीधा असर 2.1 मिलियन लोगों पर पड़ेगा।

इससे पहले जुलाई 2026 में यूनिसेफ की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि गाजा के 82% परिवार पानी की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें से 70% परिवार ऐसे हैं जिन्हें आपातकालीन स्थिति में भी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 6 लीटर पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, 23 जुलाई 2026 के एक विश्लेषण के मुताबिक मदद बढ़ने से खाने-पीने की स्थिति में थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन इसके बावजूद लगभग 1.4 मिलियन लोग आज भी गंभीर या उससे भी बदतर भूखमरी के दौर से गुजर रहे हैं।

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