गाजा में इजराइली हवाई हमले जारी, 4 साल के बच्चे समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत.

मध्य गाजा के जवायदा कस्बे और नजदीकी नुसेरात शरणार्थी शिविर में 23 अगस्त को इजराइली सेना की तरफ से भीषण हवाई हमले किए गए। इन ताजा हमलों में चार साल के एक मासूम बच्चे समेत कुल दो लोगों की जान चली गई है, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य अधिकारियों की तरफ से इस बात की पुष्टि की गई है कि लगातार हो रही इस हिंसा से आम जनता का जीवन पूरी तरह से बेहाल हो गया है और लोगों को सुरक्षित ठिकानों की तलाश में दर-दर भटकना पड़ रहा है।
जवायदा कस्बे में इमारत पर गिरा बम
घटना के बारे में जानकारी देते हुए स्थानीय निवासियों ने बताया कि जवायदा में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाकर हमला किया गया था। हालांकि, हमला करने से पहले इजराइली सेना ने वहां मौजूद लोगों को तुरंत वह इलाका खाली करने की चेतावनी जरूर दी थी। जैसे ही तय समय के बाद हमला हुआ, वह इमारत पल भर में मलबे के ढेर में बदल गई। इस तेज धमाके की वजह से आसपास कई मीटर के दायरे में मलबा और लोहे के छर्रे फैल गए, जिसकी चपेट में आने से कई आम नागरिक बुरी तरह जख्मी हो गए।
मासूम मोहम्मद अब्देल-सलाम ताहा की मौत
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस खतरनाक हमले में 4 साल के बच्चे मोहम्मद अब्देल-सलाम ताहा को गंभीर चोटें आईं। परिवार वाले और स्थानीय लोग तुरंत उसे अस्पताल लेकर दौड़े ताकि उसकी जान बचाई जा सके, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस मासूम की मौत पर दुख जता रहा है।
नुसेरात शरणार्थी शिविर भी बना निशाना
जवायदा के अलावा दूसरा बड़ा हवाई हमला पास के ही नुसेरात शरणार्थी शिविर में किया गया। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने साफ किया है कि इन दोनों अलग-अलग जगहों पर हुए हमलों में अब तक कम से कम दो बेकसूर लोगों की मौत हो चुकी है और कुल सात लोग घायल अवस्था में अलग-अलग अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। इन इलाकों में पहले से ही शरण लिए हुए विस्थापित लोग बेहद डरे हुए माहौल में जीने को मजबूर हैं।
विस्थापितों की शांति और राहत की गुहार
इस भयानक हमले के बाद इलाके में शरण लिए हुए एक विस्थापित फिलिस्तीनी नागरिक ने मीडिया से बात करते हुए शांति और स्थायी समाधान की गुहार लगाई। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा कि आम नागरिक इस लगातार जारी हिंसा और बमबारी से पूरी तरह से परेशान हो चुके हैं। लोगों के पास रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची है और वे रोज़ाना अपनों को खोने का डर झेल रहे हैं।
इजराइली सेना का बयान
दूसरी तरफ, इन तमाम घटनाओं के सामने आने के बाद इजराइली सेना की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। सेना का कहना है कि वे इन हवाई हमलों से जुड़ी तमाम जानकारियों और जिन परिस्थितियों में ये हमले हुए, उनकी पूरी बारीकी से जांच कर रहे हैं। युद्ध के इन हालातों के बीच आम जनता की सुरक्षा और लगातार हो रहे जान-माल के नुकसान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है।