Gaza Medical Crisis: गाजा में 3.5 लाख से ज्यादा मरीजों के लिए संकट, जरूरी दवाओं और ईंधन की भारी कमी.

गाजा पट्टी में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं और वहां के अस्पतालों में जरूरी दवाओं का भारी अकाल पड़ गया है। फिलिस्तीनी मेडिकल रिलीफ सोसाइटी (PMRS) के निदेशक Mohammad Abu Afash ने हाल ही में चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि गाजा के 3.5 लाख से अधिक मरीज इस समय गंभीर चिकित्सा संकट से जूझ रहे हैं। इलाके में जितनी चिकित्सा सामग्री पहुंचनी चाहिए, उतनी मात्रा में सप्लाई नहीं मिल पा रही है, जिससे आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह स्थिति वहां के आम नागरिकों के लिए बहुत ज्यादा दर्दनाक और चिंताजनक बन चुकी है।
गाजा में दवाओं और लेबोरेटरी सामग्री की भारी कमी
मानवीय संगठनों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के आंकड़ों के अनुसार, यह संकट सिर्फ एक अस्पताल तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र को अपनी चपेट میں ले चुका है। अगस्त 2026 की शुरुआत तक, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि कैंसर और खून की गंभीर बीमारियों से जुड़ी 61% जरूरी दवाइयां पूरी तरह से खत्म हो चुकी हैं। इसके अलावा, कुल दवाइयों की कमी का आंकड़ा 47% तक पहुंच गया है और जांच से जुड़े लेबोरेटरी मटेरियल में 85% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस गंभीर स्थिति के बारे में अधिक जानकारी ReliefWeb Report पर देखी जा सकती है।
गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
PMRS संस्था हर हफ्ते लगभग 40,000 से 65,000 मरीजों का इलाज करती है। इन प्रभावित लोगों में कैंसर और डायबिटीज जैसी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे मरीज भी शामिल हैं। इसके साथ ही, गाजा में लगभग 50,000 गर्भवती महिलाएं भी हैं जिन्हें समय पर जरूरी मेडिकल सहायता नहीं मिल पा रही है। हालात इतने बुरे हो चुके हैं कि वर्तमान में 21,000 से अधिक मरीज ऐसे हैं जो इलाज के लिए गाजा से बाहर जाने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक बाहर जाने का मौका नहीं मिल पाया है।
ईंधन की कमी से ठप हो सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं
अधिकारियों ने बार-बार यह चेतावनी दी है कि जनरेटर, एम्बुलेंस और पानी के पंप चलाने के लिए जरूरी ईंधन, तेल और स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर (MSF) ने इजरायली अधिकारियों से इंजन ऑयल और स्पेयर पार्ट्स को गाजा में आने की अनुमति देने की अपील की है। इसके साथ ही, गाजा के नगर पालिका संघ ने भी चेतावनी दी है कि ईंधन की कमी की वजह से पानी और सीवेज का ढांचा भी ढह सकता है, जिससे वहां पर गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इन सभी हालातों के बीच डॉक्टरों को मजबूरी में मरीजों की गंभीर स्थिति को देखकर ही इलाज तय करना पड़ रहा है, और मार्च 2025 से ईंधन न मिलने के कारण मोबाइल क्लीनिक भी पूरी तरह से बंद पड़े हैं।