Gaza Medical Evacuation: गाजा से मेडिकल निकासी जारी, WHO और रेड क्रेसेंट ने अब तक हजारों मरीजों को पहुंचाया बाहर.

गाजा पट्टी में चल रही भारी परेशानियों के बीच मेडिकल निकासी का काम लगातार जारी है। Palestine Red Crescent Society ने World Health Organization (WHO) के साथ मिलकर गाजा से मरीजों को बाहर निकालने का बड़ा काम किया है। हालांकि 16 अगस्त 2026 को 74 लोगों की निकासी की जो खबर सामने आई थी, उसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हाल ही के दिनों में कई बड़े निकासी अभियान जरूर चलाए गए हैं जो गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आए हैं।
गाजा में मेडिकल निकासी का हालिया आंकड़ा
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों और अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गाजा में इलाज की सुविधा न मिलने के कारण मरीजों को बाहर ले जाना मजबूरी बन गया है। WHO spokesperson Tarik Jasarevic ने बताया कि अक्टूबर 2023 से लेकर 11 अगस्त 2026 तक कुल 12,913 मरीजों को गाजा से बाहर निकाला जा चुका है। इन मरीजों में 6,186 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 16,000 परिजनों और साथ जाने वाले लोगों को भी सुरक्षित बाहर भेजा गया है। राहत की बात यह है कि ये मेडिकल निकासी अभियान अब हफ्ते में तीन से चार बार चलाए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सके।
हाल ही में चलाए गए निकासी अभियान
गाजा पट्टी से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2 अगस्त से 8 अगस्त 2026 के बीच कुल 101 मरीजों और 164 परिजनों को सुरक्षित निकाला गया था। इससे पहले 2 अगस्त 2026 को भी एक बड़ा अभियान चलाया गया था जिसमें 95 लोग बाहर आए थे, जिनमें 34 मरीज और 61 उनके साथ जाने वाले लोग शामिल थे। इसी तरह 30 जुलाई 2026 को 38 मरीजों और 53 परिजनों को Rafah crossing के जरिए बाहर भेजा गया था। वहीं 2 जून 2026 को 73 लोगों की निकासी हुई थी जिसमें 33 मरीज और 40 उनके साथी शामिल थे।
रफह क्रॉसिंग बना मरीजों के लिए जीवन रेखा
गाजा के अंदर अस्पतालों की हालत बेहद खराब हो चुकी है और जरूरी दवाइयों के साथ-साथ स्पेशलाइज्ड इलाज की भी भारी कमी है। ऐसे में Rafah crossing गाजा के लोगों के लिए एकमात्र बड़ी जीवन रेखा साबित हो रहा है। गंभीर रूप से घायल और बड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोग इसी रास्ते से बाहर जा रहे हैं। हालांकि राहत संगठनों की तमाम कोशिशों के बावजूद अभी भी हजारों मरीज गाजा के अंदर फंसे हुए हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें भी बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाया जा सके।