Gaza में तबाही के बीच शादियों का दौर, लोग मुश्किल हालात में ढूंढ रहे हैं खुशी के पल।

Sushma Kumari21 August 20262 min read64 viewsWorld
Gaza में तबाही के बीच शादियों का दौर, लोग मुश्किल हालात में ढूंढ रहे हैं खुशी के पल।

गाजा में चल रहे भीषण युद्ध के बीच फलस्तीनी परिवारों ने पारंपरिक शादियों के जरिए अपनी जिंदगी में थोड़ी सी खुशी ढूंढने की कोशिश की है। 21 अगस्त 2026 को Al Jazeera English के संवाददाता हानी महमूद ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैसे शादियां लोगों के लिए गम के माहौल में राहत पाने का एक जरिया बन गई हैं। इस दौरान परिवार के लोग पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को निभाते हुए संगीत, नृत्य और पारंपरिक डबके जैसे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे उन्हें आसपास मची तबाही से कुछ देर के लिए सुकून मिल रहा है।

मुश्किल हालात में बदल गया शादियों का तरीका

युद्ध और तबाही की वजह से आम लोगों के जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ा है। शादियों के लिए बने बड़े हॉल और इमारतें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, इसलिए अब लोगों ने हालात के हिसाब से खुद को ढाल लिया है। अब शादियों का आयोजन बहुत ही सादे तरीके से निजी घरों या फिर छोटी जगहों पर किया जा रहा है। इस पूरी स्थिति को एक वीडियो रिपोर्ट में भी दिखाया गया है, जो इस बात को साफ करती है कि तमाम मानवीय संकटों और दिक्कतों के बाद भी वहां के लोगों का हौसला और जिंदादिल रवैया कम नहीं हुआ है।

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बड़े पैमाने पर आयोजित किए गए सामूहिक विवाह

आम लोगों की मदद के लिए बड़े स्तर पर कई संस्थाएं सामने आई हैं। 25 अप्रैल 2026 को दीर अल-बलाह में अल-अक्सा अस्पताल के पास एक चैरिटी की मदद से 300 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया था। इसके अलावा 2 दिसंबर 2025 को खान यूनिस में 54 जोड़ों की शादी कराई गई, जिसे यूएई समर्थित अल फारेस अल शाहिम मानवीय अभियान के जरिए पूरा किया गया था। इन आयोजनों से उन परिवारों को बहुत मदद मिली जो अपने दम पर शादी का खर्च उठाने में पूरी तरह असमर्थ थे।

खुशियों के बीच मंडराता रहा मौत का खतरा

गाजा में चल रही हिंसा के कारण इन छोटी खुशियों के पलों पर भी लगातार बड़ा खतरा बना रहता है। 6 जून 2026 को संवाददाता हानी महमूद ने एक दर्दनाक घटना की जानकारी दी थी, जिसमें गाजा सिटी में एक शादी के दौरान हुए इजरायली ड्रोन हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के आखिर से गाजा की पूरी आबादी यानी 23 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने के लिए मजबूर हो चुके हैं और पूरा क्षेत्र गंभीर आर्थिक बदहाली का सामना कर रहा है।

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