जर्मनी ने इसरायली मंत्री बेन-गवीर के बयानों की कड़ी निंदा की, कहा ये मानवीय कानूनों के खिलाफ हैं।

बुधवार, 19 अगस्त 2026 को जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir के बयानों पर बहुत कड़ी आपत्ति जताई है और उनकी जमकर आलोचना की है। यह पूरा विवाद एक पॉडकास्ट के बाद शुरू हुआ था जिसे पिछले शनिवार को प्रसारित किया गया था। इस पॉडकास्ट के दौरान इसरायली मंत्री ने गाजा में हर रात 30 से 40 लोगों को मारने की बात कही थी और गाजा में इस्रायलियों को फिर से बसाने के अपने पुराने समर्थन को एक बार फिर से दोहराया था। उनके इस तरह के बयानों के बाद से दुनिया भर के देशों में नाराजगी देखने को मिल रही है और अधिकारी लगातार इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बर्लिन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया बड़ा बयान
बर्लिन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जर्मनी की सरकार के उप प्रवक्ता Sebastian Hille ने आधिकारिक तौर पर मंत्री Ben-Gvir की इन टिप्पणियों को अमानवीय अपील करार दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ये बातें अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करती हैं और किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती हैं। Sebastian Hille ने इस बात पर भी खास जोर दिया कि यूरोपीय संघ यानी EU के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों ने अपने जून के शिखर सम्मेलन के दौरान यह सहमति जताई थी कि जो चरमपंथी राजनेता मानवीय गरिमा और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की वकालत करते हैं, उनके खिलाफ सख्त प्रतिबंध तैयार किए जाने चाहिए।
यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि Kaja Kallas से यह उम्मीद जताई जा रही है कि वह आगामी अनौपचारिक जिमनिच बैठक में इन सभी उपायों के संबंध में अपने औपचारिक प्रस्ताव पेश करेंगी। इससे पहले जर्मनी के उप चांसलर Lars Klingbeil ने भी 18 अगस्त 2026 को यह संकेत दे दिया था कि इन सभी प्रतिबंधों पर यूरोपीय स्तर पर बहुत तेजी से और सक्रिय रूप से चर्चा चल रही है। सरकार के इन बयानों से साफ पता चलता है कि यूरोपीय देश अब इस तरह के बयानों को बिल्कुल भी सहन करने के मूड में नहीं हैं और दोषियों पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर रहे हैं।
वेस्ट बैंक में निर्माण योजनाओं का भी हुआ कड़ा विरोध
मंत्री Ben-Gvir के बयानों की निंदा करने के अलावा जर्मन सरकार ने इसराइल की उन योजनाओं का भी खुलकर विरोध किया है जिसमें वेस्ट बैंक के E-1 क्षेत्र में 1,000 से अधिक आवास इकाइयों का निर्माण करने की बात कही जा रही थी। सरकारी प्रवक्ता Sebastian Hille ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वेस्ट बैंक में अब आगे किसी भी तरह का विलय या कब्जा करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह का विस्तार करना सीधे तौर पर दो-देशों के समाधान की उम्मीदों को कमजोर करता है और शांति प्रक्रिया को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले में केवल जर्मनी ही नहीं बल्कि अन्य यूरोपीय देशों ने भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noel Barrot ने भी सार्वजनिक रूप से मंत्री Ben-Gvir के बयानों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इन बयानों को सीधे तौर पर असहनीय और अमानवीय करार दिया है। दुनिया के तमाम बड़े देश अब इस तरह की बयानबाजी के खिलाफ एक मंच पर आते दिखाई दे रहे हैं ताकि मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति और कानून का राज कायम रखा जा सके और किसी भी तरह की हिंसा को बढ़ावा न मिले।