इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी का बड़ा बयान, कहा- मुझे किसी के आगे झुकने वाला इटली पसंद नहीं

इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने अपने देश की वैश्विक भूमिका को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें ऐसा इटली बिल्कुल भी पसंद नहीं है जो किसी दूसरे देश के आगे झुके या खुद को किसी से कमतर समझे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके देश को दुनिया के बड़े फैसलों में अपनी मजबूत हिस्सेदारी निभानी चाहिए।
इटली में गर्व की क्रांति लाने का लक्ष्य
तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी Anadolu को दिए गए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य इटली के अंदर एक 'गर्व की क्रांति' लेकर आना है। उन्होंने कहा कि देश को अपनी ताकत और अपने नागरिकों के हितों का पूरा ध्यान रखते हुए वैश्विक मंच पर पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली भूमिका निभानी होगी ताकि देश की छवि और मजबूत हो सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ रिश्तों पर खुलकर की बात
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के साथ अपने रिश्तों को लेकर भी मेलोनी ने बिना किसी झिझक के खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि ट्रंप के साथ मिलकर काम करना काफी आसान होगा क्योंकि दोनों नेता कई बड़े मुद्दों पर एक जैसी सोच रखते हैं, जिनमें अवैध अप्रवासन यानी immigration का मुद्दा भी शामिल है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जमीनी हकीकत उनकी उम्मीदों से थोड़ी अलग साबित हुई।
मेलोनी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ उनके रिश्ते हमेशा से बहुत ज्यादा आसान नहीं रहे हैं और एक समय ऐसा भी आया था जब दोनों नेताओं के बीच कई हफ्तों तक आपस में कोई बातचीत नहीं हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप द्वारा पोप लियो की आलोचना किए जाने के बाद दोनों के बीच तनाव की खबरें सामने आई थीं, और मेलोनी उन शुरुआती यूरोपीय नेताओं में शामिल थीं जिन्होंने खुलकर अपनी असहमति जताई थी।
विदेश नीति और पश्चिमी देशों की एकता
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वह पश्चिमी देशों की एकता को बहुत अधिक महत्वपूर्ण मानتی हैं और किसी भी कीमत पर इसे कमजोर नहीं होने देना चाहतीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इटली की विदेश नीति कभी भी उनके निजी रिश्तों या व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के आधार पर तय नहीं होती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या गर्मियों की छुट्टियों के बाद उनकी ट्रंप से दोबारा बातचीत होगी, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि 'देखते हैं'।
फ्रांस और जर्मनी के लिए स्पेयर व्हील नहीं है इटली
इटली की वैश्विक स्थिति पर बात करते हुए मेलोनी ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनका देश फ्रांस और जर्मनी जैसे बड़े देशों के लिए कभी भी 'स्पेयर व्हील' की भूमिका में नहीं रह सकता है। उनके मुताबिक, इटली को हमेशा उन प्रमुख देशों के साथ बैठकर अपनी सही दिशा तय करनी चाहिए जो यूरोप और पूरी दुनिया का भविष्य तय करते हैं। उन्होंने देश में राजनीतिक स्थिरता को भी बहुत जरूरी बताया और कहा कि स्थिरता केवल एक मंजिल नहीं बल्कि आगे बढ़ने की एक बड़ी शुरुआत है।
धारा के विपरीत चलने का साहस
अपने पुराने राजनीतिक सफर को याद करते हुए मेलोनी ने कहा कि वह आज जिस मुकाम पर पहुंची हैं, उसके पीछे उनका वह साहस है जो उन्होंने मुश्किल समय में दिखाया था। उन्होंने कहा कि राजनीति में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब इतिहास के उस पक्ष के साथ खड़ा होना पड़ता है जो आसान या लोकप्रिय विकल्प नहीं होता। जरूरत पड़ने पर धारा के विपरीत जाकर सही फैसला लेना ही एक सच्चे नेतृत्व की असल पहचान होती है।