अमेरिका और इसराइल की ईरान पर जंग से दुनिया में बढ़ी कोयले की मांग, दाम में भारी उछाल.

Nura Basta19 August 20263 min read63 viewsFinance
अमेरिका और इसराइल की ईरान पर जंग से दुनिया में बढ़ी कोयले की मांग, दाम में भारी उछाल.

दुनियाभर के ऊर्जा बाजारों में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है क्योंकि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई अमेरिका और इसराइल की ईरान के खिलाफ जंग ने ऊर्जा आपूर्ति को पूरी तरह से ठप कर दिया है। इस टकराव की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से होने वाला कमर्शियल शिपिंग लगभग बंद हो गया है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस का व्यापार होता था। हालात इतने बदल गए हैं कि अब तेल की जगह लोग और देश कोयले का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर कोयला बाजार बहुत मजबूत हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और तेल बाजार की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA ने 19 अगस्त 2026 को अपनी रिपोर्ट में बताया कि साल 2026 के लिए वैश्विक तेल की मांग के अनुमान को प्रतिदिन 1.6 मिलियन बैरल कम कर दिया गया है। इसके अलावा, जुलाई के महीने में गल्फ और कैस्पियन सागर के इलाकों से तेल का निर्यात रुकने की वजह से दुनिया भर में तेल का भंडार 69 मिलियन बैरल तक कम हो गया है। केसीएम के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वाटरर ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार बनी इस अस्थिरता के कारण तेल की कीमतों में जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम जोड़ना पड़ रहा है, जिससे बाजार में तनाव बना हुआ है।

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कोयला बाजारों में कीमतों का हाल

तेल संकट और सप्लाई चेन टूटने की वजह से दुनिया भर में कोयले की मांग तेजी से बढ़ गई है। बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार यूरोप में थर्मल कोयले का सूचकांक बढ़कर $124 प्रति टन के पार चला गया है, जबकि चीन का किंगहुडाओ 5,500 NAR कोयला $126 प्रति टन से ऊपर बिक रहा है। दक्षिण अफ्रीका में 6,000 kcal/kg हाई-सीवी कोयला $109 प्रति टन तक पहुंच गया है, जिसकी मुख्य वजह भारत से बढ़ी हुई मांग और 12 अगस्त को रिचर्ड्स बे कोल टर्मिनल के पास हुई ट्रेन दुर्घटना के बाद सप्लाई रुकना है। वहीं ऑस्ट्रेलिया का एचसीसी इंडेक्स प्रीमियम मेटलर्जिकल कोयले की कमी के कारण बढ़कर $224 प्रति टन हो गया है।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय नीतियां

ऊर्जा संस्थान द्वारा केपीएमजी, कर्टनी और एम्बर के साथ मिलकर 19 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में कुल वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी और इसमें 1.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि IEA की ग्लोबल एनर्जी रिव्यू रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में वैश्विक कोयला मांग में 0.4% की बढ़त हुई थी, लेकिन अकेले अमेरिका के बिजली सेक्टर में इस दौरान कोयले की मांग में 10% की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। इसके साथ ही चीन के नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन और नेशनल एनर्जी एडमिनिस्ट्रेशन ने साल 2030 तक आधुनिक खदानों से 87% और इंटेलिजेंट खदानों से 75% क्षमता हासिल करने के लिए कोयला उद्योग विकास की 15वीं पंचवर्षीय योजना शुरू की है, जिसमें 100 मिलियन मीट्रिक टन का वार्षिक रिजर्व लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा किर्गिस्तान के अर्थव्यवस्था और वाणिज्य मंत्रालय ने सर्दियों में हीटिंग को सस्ता रखने के लिए नए कोयला मूल्य नियम लागू किए हैं, जिसके तहत सरकारी कंपनी किर्गिजकोमुर को सीधे खुदरा खरीदारों को कोयला बेचने का आदेश दिया गया है ताकि बीच के बिचौलियों को हटाया जा सके।

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