वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, 5% तक सस्ता हुआ कच्चा तेल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार, 3 अगस्त 2026 को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। तेल की कीमतों में लगभग 5% तक की कमी देखी गई, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति के संकेत और OPEC+ गठबंधन द्वारा उत्पादन बढ़ाने का फैसला है। इस बदलाव से वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है।
कीमतों में कितनी आई गिरावट
बाजार में आई इस गिरावट के आंकड़े इस प्रकार हैं:
| क्रूड ऑयल का प्रकार | गिरावट की राशि | प्रतिशत में कमी | वर्तमान कीमत |
|---|---|---|---|
| Brent Crude | $4.08 | 4.64% | $83.85 |
| WTI Crude | $4.01 | 4.74% | $80.66 |
OPEC+ गठबंधन ने 2 अगस्त 2026 को अपनी बैठक में लगातार पांचवें महीने उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके तहत बाजार में हर दिन 188,000 बैरल अतिरिक्त तेल की आपूर्ति की जाएगी। इस समूह में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, अल्जीरिया, कजाकिस्तान और ओमान जैसे देश शामिल हैं। सऊदी अरब की कंपनी Saudi Aramco ने एशियाई ग्राहकों के लिए अपने अगस्त क्रूड की कीमतों में $11 प्रति बैरल की कटौती की थी, जो पिछले दो दशकों में सबसे बड़ी गिरावट है।
बाजार पर असर और कारण
कीमतों में गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयानों को भी माना जा रहा है, जिन्होंने ईरान के साथ चर्चा में सुधार के संकेत दिए हैं। इससे भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ है। इसके अलावा, एशियाई बाजारों में तेल की मांग में कमी ने भी वैश्विक कीमतों को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई है। बाजार के विशेषज्ञ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रहे।