Guatemala में फूटा फुएगो ज्वालामुखी, प्रशासन ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, बस्तियां खाली करने का आदेश

Nura Basta4 August 20262 min read54 viewsWorld
Guatemala में फूटा फुएगो ज्वालामुखी, प्रशासन ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, बस्तियां खाली करने का आदेश

मध्य अमेरिकी देश Guatemala में स्थित फुएगो ज्वालामुखी ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। ज्वालामुखी की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वहां के स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि ज्वालामुखी अब एक अधिक तीव्र विस्फोटक चरण में प्रवेश कर गया है, जिसके कारण लगातार राख और लावा बाहर निकल रहा है। यह स्थिति वहां के नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

प्रशासन की ओर से बचाव के इंतजाम

आपदा प्रबंधन एजेंसी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ज्वालामुखी से निकलने वाले पायरोक्लास्टिक प्रवाह, जो ज्वालामुखी गैसों, राख और बेहद गर्म चट्टानों का एक खतरनाक मिश्रण होता है, पांच घाटियों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। इस खतरे को भांपते हुए El Porvenir और Las Lajitas नामक क्षेत्रों के निवासियों को घर खाली करने के लिए कहा गया है। राहत एवं बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में Orange Alert घोषित कर दिया है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

खतरा और भविष्य की चेतावनी

अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि ज्वालामुखी की गतिविधियों में और तेजी आती है, तो ये खतरनाक प्रवाह पहले से कहीं अधिक दूर तक फैल सकते हैं। इसके साथ ही राख के बादल लगभग 100 किलोमीटर तक पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में जाने की संभावना है। इस राख के कारण न केवल हवा की गुणवत्ता खराब होगी, बल्कि आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों का जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। वैज्ञानिकों की टीम लगातार हर हरकत पर बारीकी से नजर रख रही है और स्थानीय प्रशासन अपनी राहत तैयारियों को और अधिक मजबूत करने में जुटा हुआ है।

इतिहास की भयावह यादें

फुएगो ज्वालामुखी राजधानी Guatemala City से महज 30 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और इसे मध्य अमेरिका के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है। साल 2018 में इसी ज्वालामुखी ने एक भयानक रूप दिखाया था, जब इसके विस्फोट ने एक पूरे समुदाय को मलबे और राख की चादर के नीचे दबा दिया था। उस दुखद घटना में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इस बार प्रशासन 2018 जैसी किसी भी त्रासदी को दोबारा नहीं होने देना चाहता, इसलिए वह कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है और पहले से ही सतर्कता बरत रहा है। हिन्दुस्थान समाचार के अनुसार, पूरी स्थिति पर प्रशासन का नियंत्रण है और सावधानी के सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

Share:

Comments

Leave a comment