गिनी की राजधानी में कचरे का पहाड़ ढहा, भूस्खलन की चपेट में आने से 22 लोगों की हुई दर्दनाक मौत.

Nura Basta23 August 20262 min read72 viewsWorld
गिनी की राजधानी में कचरे का पहाड़ ढहा, भूस्खलन की चपेट में आने से 22 लोगों की हुई दर्दनाक मौत.

पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। भारी बारिश के बाद शहर के मुख्य कचरे के डंपिंग स्थल पर लैंडफिल का विशाल ढेर अचानक ढह गया। इस दर्दनाक भूस्खलन में अब तक कम से कम 22 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। घटना के समय इलाके में लोग गहरी नींद में थे, जिससे संभलने का मौका नहीं मिला और मलबा सीधा आसपास बनी झोपड़ियों पर जा गिरा।

भारी बारिश बनी हादसे की मुख्य वजह

मिली जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा दार एस सलाम इलाके में स्थित मुख्य डंपिंग ग्राउंड पर हुआ। रविवार को तड़के करीब तीन बजे मूसलाधार बारिश हो रही थी। लगातार बारिश के कारण कचरे का भारी-भरकम ढेर खिसकने लगा और देखते ही देखते भयानक भूस्खलन की स्थिति बन गई। कचरे के इस विशाल मलबे के नीचे कई गरीब परिवारों की झोपड़ियां पूरी तरह से दब गईं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया गया।

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प्रशासन ने पहले ही जारी किए थे खाली करने के नोटिस

मिलिट्री इंजीनियरिंग बटालियन के सैनिटेशन अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्डे मामादोउ बैलो ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस लैंडफिल को रविवार के दिन ही आधिकारिक तौर पर बंद किया जाना था। अधिकारियों की तरफ से पहले ही आसपास के खतरनाक इलाके में रहने वाले लोगों को जगह खाली करने के लिए नोटिस दे दिए गए थे। चेतावनी मिलने के बाद कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर पलायन भी कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद हादसे के वक्त भी बड़ी संख्या में लोग उस जोखिम भरे इलाके में मौजूद थे।

मंत्रालय ने दिए पुनर्वास के निर्देश

इस भीषण हादसे के बाद गिनी के टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन एंड डिसेंट्रलाइजेशन मंत्री डिएनाबू टुरे घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन अब उस क्षेत्र में रह रहे बाकी बचे सभी परिवारों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित करने के पुख्ता इंतजाम करेगा। घटनास्थल पर अभी भी खोज और बचाव अभियान पूरी मुस्तैदी के साथ जारी है। राहत अधिकारियों का मानना है कि मलबे की गहराई को देखते हुए मृतकों की संख्या में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे स्थानीय प्रशासन की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

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