Gulf Countries Action: गल्फ देशों ने पांच महीने में निकाले 22,000 पाकिस्तानी, इन वजहों से हुई बड़ी कार्रवाई.

खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पिछले कुछ महीनों के दौरान कड़ा एक्शन लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Gulf देशों ने पांच महीने के भीतर लगभग 22,000 पाकिस्तानी नागरिकों को डिपोर्ट कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच हलचल मच गई है और लोग इस मामले पर खुलकर बात कर रहे हैं।
किन देशों ने की कार्रवाई और क्या है आंकड़े
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 1 मार्च से 13 जुलाई के बीच की अवधि में की गई है। इस दौरान सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE, ओमान, बहरीन और कुवैत जैसे देशों ने मिलकर कुल 21,951 पाकिस्तानियों को उनके देश वापस भेज दिया है। इनमें से सबसे ज्यादा लोगों को सऊदी अरब से डिपोर्ट किया गया है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है।
क्यों उठाया गया यह कड़ा कदम
आधिकारिक रिपोर्टों से यह बात सामने आई है कि इन लोगों को बाहर निकालने के पीछे कई तरह के कारण थे। इनमें मुख्य तौर पर वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी रुकना, भीख मांगना, अवैध रूप से देश में घुसना, ड्रग्स से जुड़े मामले, रिजेक्ट हुए शरणार्थी आवेदन, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं। प्रशासन नियमों को लेकर काफी सख्त हो गया है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है।
पाकिस्तान और सऊदी के रिश्तों पर असर
एक तरफ जहां पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं, और हाल ही में दोनों देशों के बीच रक्षा समझौता भी हुआ है, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों पर यह कार्रवाई लगातार जारी है। इस स्थिति ने पाकिस्तान के भीतर बड़ी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि बहुत से पाकिस्तानी नागरिक रोजी-रोटी और बिजनेस के सिलसिले में गल्फ देशों में रहते हैं। इस तरह की बड़ी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया से वहां के आर्थिक और कूटनीतिक माहौल पर भी असर पड़ रहा है, जिसे लेकर आम लोग भी काफी परेशान नजर आ रहे हैं। इस बारे में अधिक जानकारी Dawn की रिपोर्ट में दी गई है।