Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही एक हफ्ते के निचले स्तर पर, अमेरिका और ईरान के तनाव से बढ़ी टेंशन.

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव और संघर्ष के बीच फारस की खाड़ी के बेहद अहम इलाके से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर पिछले एक हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पानी के जहाजों के मालिकों ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने से बचना शुरू कर दिया है, जिससे समुद्री व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है।
शिपिंग ट्रैफिक में भारी गिरावट और आंकड़े
समुद्री डेटा ट्रैक करने वाली कंपनी Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को इस जलडमरूमध्य में केवल 8 जहाज ही ट्रैक किए गए। यह संख्या पिछले 10 दिनों के औसत यानी करीब 12 जहाजों से काफी कम है और यह 5 अगस्त के बाद का सबसे कम दैनिक आंकड़ा है। इसके अलावा LSEG के डेटा से भी इस गिरावट की पुष्टि हुई, जिसके अनुसार मंगलवार को केवल 11 जहाज ही इस रास्ते से गुजरे, जबकि इसके पिछले दिन यह आंकड़ा 14 जहाजों का था। जंग शुरू होने से पहले इस रास्ते से हर रोज सामान्य तौर पर 130 से 140 जहाज गुजरते थे, लेकिन 10 अगस्त को ट्रैफिक घटकर युद्ध से पहले के स्तर का केवल 7 प्रतिशत ही रह गया था।
अमेरिका और हूती विद्रोहियों के हमले
यह गिरावट ऐसे समय में देखने को मिल रही है जब अमेरिका और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अलग-अलग हमलों की जानकारी दी है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने दोहराया है कि जब तक अमेरिका ईरान की शर्तें नहीं मान लेता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा। उनकी शर्तों में युद्ध और नाकाबंदी खत्म करना, ईरान की जमी हुई संपत्ति को रिहा करना और पूरे क्षेत्र में युद्धविराम पर राजी होना शामिल है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ई ने पुष्टि की है कि ओमान के साथ बातचीत बहुत सुचारू और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है और शिपिंग ट्रैफिक के नक्शे पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही ईरान समुद्री सेवाओं के लिए शुल्क और लागत वसूलने की योजना बना रहा है। तनाव के बीच, 8 अगस्त को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी ADNOC के एक टैंकर को ईरानी मिसाइल ने निशाना बनाया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान और सैन्य कार्रवाई
ईरान के आधिकारिक रुख के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को बयान दिया कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर कुल नियंत्रण है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी Centcom ने घोषणा की कि उसने 11 अगस्त को कार्गो पोत Vela Nova को निष्क्रिय कर दिया। जब इस जहाज ने ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश की और चेतावनियों को नजरअंदाज किया, तब एक अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर ने इसके इंजन रूम में मिसाइलें दागीं। Centcom ने नाकाबंदी का पालन सुनिश्चित करने के लिए अब तक 55 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदला है, 3 जहाजों को निष्क्रिय किया है और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं, क्योंकि अमेरिका अपनी जवाबी नाकाबंदी को सख्ती से लागू कर रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध में मारे गए लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है।
खाड़ी देशों में फंसे हजारों नाविकों की मुश्किलें
इस चल रहे संघर्ष और समुद्री रास्तों के बंद होने की वजह से खाड़ी के इलाकों में लगभग 20,000 नाविक फंस चुके हैं। इन फंसे हुए नाविकों में सबसे ज्यादा संख्या भारत और फिलीपींस के लोगों की है। भारत से बड़ी संख्या में युवा खाड़ी देशों में समुद्री और शिपिंग सेक्टर में नौकरी करते हैं, और इस ताजा तनाव व जलडमरूमध्य के ठप होने से वहां काम करने वाले भारतीयों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। परिवारों को भी अपने सदस्यों की सुरक्षा को लेकर लगातार डर सता रहा है क्योंकि इस रास्ते पर लगातार हमलों और सैन्य पाबंदियों का दौर जारी है।