हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास संघर्ष बढ़ा, 6 महीने में 20 लोगों की मौत और कई जहाज बने निशाना.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास पिछले 6 महीनों से लगातार तनाव चल रहा है और इस दौरान कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन यानी IMO की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस इलाके में कुल 68 समुद्री घटनाएं दर्ज की गईं। इन सभी हादसों और हमलों की वजह से अब तक कुल 20 नाविकों और पोर्ट वर्कर्स की जान चली गई है। इसके अलावा इस संघर्ष में 35 लोग घायल हुए हैं और 1 व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। इस पूरी स्थिति को देखकर आम लोगों और नौकरी के सिलसिले में वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है।
समुद्री यातायात पर असर और ओमान के पास हमला
डाटा के अनुसार इस क्षेत्र में औसतन हर 2.6 दिन में एक घटना सामने आ रही है। इन सभी मामलों में से लगभग 50 प्रतिशत घटनाएं टैंकर्स से जुड़ी हैं, जबकि 20 प्रतिशत कंटेनर जहाजों और 15 प्रतिशत बल्क कैरियर जहाजों को प्रभावित कर चुकी हैं। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने इनमें से 47 घटनाओं को औपचारिक तौर पर हमला करार दिया है। हाल ही में 25 अगस्त 2026 को ओमान के तट के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल या ड्रोन नुमा वस्तु ने एक ऑयल टैंकर को टक्कर मार दी। इस हमले से टैंकर के इंजन रूम को काफी नुकसान पहुंचा गनीमत यह रही कि जहाज पर सवार सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। इसके अलावा 24 अगस्त तक इस रास्ते से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की संख्या पिछले तीन महीनों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी, जहां केवल एक या दो टैंकर ही इस रास्ते से गुजर पा रहे थे।
ईरान के नए नियम और कूटनीति तनाव
बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने ट्रांजिट नियमों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए 45 टैंकर्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर भारी जुर्माना, जहाज को रोकना या फिर कार्गो जब्त किया जा सकता है। ईरान ने अपने तट के पास एक खास रास्ते को ही एकमात्र स्वीकृत शिपिंग लेन घोषित किया है। दूसरी ओर कूटनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मी तेज हो गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने ईरान पर आर्थिक शिकंजा कसने की बात कही है और अन्य देशों को ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते तोड़ने की चेतावनी दी है। इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन नए अमेरिकी कदमों की सराहना की है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ बैठक के बाद अमेरिका से अपनी नीतियां बदलने की अपील की है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और कहा है कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए शांति बेहद जरूरी है। ओमान ने यह भी साफ किया कि ईरान के साथ नेविगेशन व्यवस्था को लेकर उनकी बातचीत अभी भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।