Hormuz Strait Crisis: अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बनाने का बदला रुख, ट्रंप ने दिए संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की नई सैन्य कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। इसके बजाय, अमेरिका ने ईरान की गंभीर आर्थिक मुश्किलों और महंगाई का फायदा उठाकर इस अहम समुद्री रास्ते को दोबारा खुलवाने की रणनीति तैयार की है। यह पूरा घटनाक्रम वॉशिंगटन से सामने आया है जहां 09 अगस्त को इस मामले पर नए संकेत दिए गए हैं। अमेरिका के इस कदम से खाड़ी देशों और वहां आने-जाने वाले लोगों पर भी स्थिति साफ होती दिख रही है।
ईरान की शर्तें और अमेरिका की प्रतिक्रिया
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर ईरान ने अमेरिका के सामने कई कड़ी शर्तें रख दी हैं। ईरान का साफ कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी मांगें और दबाव बंद नहीं करता, तब तक इस रास्ते को नहीं खोला जाएगा। ईरानी शर्तों में मुख्य रूप से यह बात शामिल है कि अमेरिका द्वारा ईरान को किसी भी तरह की धमकी या अपमानित न किया जाए। इस मामले पर बातचीत को लेकर Donald Trump ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका अभी बहुत ही शांत तरीके से इस पूरी स्थिति को आगे बढ़ा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दायरा अभी बहुत सीमित रखा गया है और अमेरिकी सरकार लगातार इन सभी हालातों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
ईरान की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बातचीत के दौरान ईरान की खराब होती आर्थिक स्थिति का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ईरान इस समय देश के भीतर भारी महंगाई और गंभीर आर्थिक परेशानियों से बुरी तरह जूझ रहा है। अमेरिकी दावे के मुताबिक, इस समय ईरान के पास अपनी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त धन नहीं बचा है और यही आर्थिक तंगी उस पर सबसे बड़ा दबाव बना रही है। अमेरिका का मानना है कि सैन्य बल का इस्तेमाल करने के बजाय वहां की आर्थिक बदहाली ही खुद-ब-खुद रास्ता खोल देगी। इस बीच, अमेरिकी नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि युद्ध जैसे हालातों के बावजूद तेल की कीमतें नीचे आई हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी Hindusthan Samachar के माध्यम से सामने आई है, जहाँ आकाश कुमार राय ने इसकी रिपोर्टिंग की है।