हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर सुलह की उम्मीद, अमेरिका और ईरान के बीच जल्द हो सकता है बड़ा समझौता

Aanya4 August 20263 min read61 viewsOman
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर सुलह की उम्मीद, अमेरिका और ईरान के बीच जल्द हो सकता है बड़ा समझौता

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा कीमतों पर असर डाल सकती है। 4 अगस्त 2026 को अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने यह जानकारी दी है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने के लिए बातचीत में खासी प्रगति हुई है। अगर यह समझौता सफल होता है, तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल की आवाजाही पहले की तरह सुचारू हो सकेगी, जिससे ग्लोबल एनर्जी बाजार में स्थिरता आने की पूरी संभावना है।

समझौते का क्या है आधार

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया है कि ईरान के साथ इस महत्वपूर्ण मार्ग को खोलने को लेकर समझौता 5 अगस्त 2026 तक पूरा किया जा सकता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने भी ओमान के साथ जारी अपनी तकनीकी और राजनीतिक बातचीत की पुष्टि की है। उनका कहना है कि वे जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर काम कर रहे हैं। हालांकि ईरान ने मुख्य रूप से ओमान का नाम लिया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सीधे ईरान के साथ बातचीत की बात कही है और इसे ईरान के लिए समझौते का आखिरी मौका करार दिया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, जहाज अंदर आने के लिए ईरान के रास्ते का इस्तेमाल करेंगे और बाहर जाने के लिए ओमान द्वारा नियंत्रित मार्ग का उपयोग करेंगे, जिसके बदले में सुरक्षा और पर्यावरण सुरक्षा के लिए शुल्क लिया जाएगा।

अमेरिका और पराग्वे के बीच परमाणु करार

इस बीच वाशिंगटन में एक और बड़ी कूटनीतिक गतिविधि देखने को मिली है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और पराग्वे के विदेश मंत्री Rubén Ramírez Lezcano ने एक Memorandum of Understanding पर हस्ताक्षर किए हैं। यह 123 Agreement के नाम से जाना जाता है, जो दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग को मजबूती देगा। इसके तहत पराग्वे को नागरिक परमाणु तकनीक दी जाएगी, जिसका इस्तेमाल ऊर्जा या वैज्ञानिक शोध के लिए किया जाएगा।

प्रमुख बिंदुविवरण
समझौता प्रकार123 Agreement (परमाणु सहयोग)
मुख्य शर्तIAEA मानकों का पालन अनिवार्य
निगरानीअमेरिका के पास रहेगी निगरानी का अधिकार
पिछला समझौताStatus of Forces Agreement (SOFA)

यह सहयोग दोनों देशों के बीच बदलते समीकरणों को दिखाता है। इस करार के तहत पराग्वे पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के नियम लागू रहेंगे और अमेरिका इस बात की निगरानी करेगा कि इस तकनीक का कोई गलत या सैन्य इस्तेमाल न हो। यह पूरी जानकारी आधिकारिक स्रोतों के अनुसार है जिसे आप अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं।

यह नया समझौता दिसंबर 2025 में हुए उस Status of Forces Agreement (SOFA) का हिस्सा है, जिसे पराग्वे की कांग्रेस ने मार्च 2026 में मंजूरी दी थी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य संगठित अपराधों पर लगाम लगाना और दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना है। Marco Rubio ने इस बात पर जोर दिया है कि राष्ट्रपति Donald Trump के दोबारा सत्ता संभालने के बाद वाशिंगटन और असुनसियोन के बीच संबंधों में काफी मजबूती आई है। यह घटनाक्रम न केवल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि समुद्र मार्ग खुलने से खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासियों के लिए भी राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि स्थिरता आने से महंगाई और माल ढुलाई की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।

Share:

Comments

Leave a comment