हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले से बढ़ी टेंशन, ईरान की कार्रवाई से खाड़ी देशों में खलबली.

Nura Basta22 August 20262 min read62 viewsUAE
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले से बढ़ी टेंशन, ईरान की कार्रवाई से खाड़ी देशों में खलबली.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि हाल ही में कई जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के हवाले से सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी गई कि पिछले हफ्ते इस अहम समुद्री रास्ते पर पांच जहाजों पर हमले हुए। इस घटनाक्रम ने खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिससे आने-जाने वाले जहाजों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ रहा है।

यूएस सेंट्रल कमांड का आधिकारिक बयान

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर ब्रैड कूपर ने 22 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि ईरान ने नागरिकों को निशाना बनाया है और सात कमर्शियल जहाजों पर हमले किए हैं। इन हमलों की वजह से लगभग 12 क्रू मेंबर या तो मारे गए, घायल हुए या फिर लापता हो गए। इसके बावजूद, CENTCOM ने पुष्टि की कि पिछले हफ्ते इस जलमार्ग से 300 जहाज सुरक्षित रूप से निकलने में कामयाब रहे। हालांकि, लगातार हो रहे हमलों की वजह से समुद्री व्यापार और सफर करने वालों के मन में डर का माहौल बना हुआ है।

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अन्य देशों और संगठनों की प्रतिक्रिया

संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (JMIC) ने पहले ही पुष्टि की थी कि 17 अगस्त को बल्कर 'मिनोआ डिग्निटी' पर हमला हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बताया कि अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी से जुड़े दो जहाजों पर भी 15 अगस्त को ईरानी बलों ने हमले किए। इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद कतर, बहरीन, कुवैत और मिस्र ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है।

जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट

तनाव बढ़ने की वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी कमी आई है। ऑपरेशनल डेटा के मुताबिक, 20 अगस्त तक पिछले हफ्ते यहां से शिप ट्रैफिक 19.5% घटकर सिर्फ 95 ट्रांजिट रह गया। हालात इतने खराब थे कि 16 अगस्त को केवल तीन जहाज ही ईरान द्वारा तय किए गए रास्ते का इस्तेमाल करके इस जलमार्ग को पार कर पाए, जबकि ओमान के रास्तों से एक भी जहाज नहीं गुजरा।

ईरान का रुख और कूटनीतिक बातचीत

दूसरी ओर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने 22 अगस्त को कहा कि तेहरान को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पड़ोसी देशों से संदेश मिले हैं। ईरान ने बगदाद के अनुरोध के बाद कुछ इराकी तेल टैंकरों को इस जलमार्ग से गुजरने की विशेष अनुमति दी, जिसकी पुष्टि इराक के राष्ट्रपति निजार अामेदी ने भी की। हालांकि, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने 22 अगस्त को साफ कर दिया कि जब तक अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा, भले ही ओमान के साथ 'मध्य मार्ग' को लेकर बातचीत चल रही हो।

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