Saudi Arabia पर ड्रोन हमला: जाज़ान की अरामको रिफाइनरी को बनाया गया निशाना, आग पर पाया गया काबू.

सऊदी अरब के जाज़ान शहर में स्थित Saudi Aramco की एक रिफाइनरी सुविधा पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को एक ड्रोन हमला किया गया, जिससे वहां अचानक आग भड़क उठी। यमन के हूती विद्रोही समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने सटीक निशाना साधा है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, लेकिन औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े दमकल कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय का आधिकारिक बयान
सऊदी अरब के Ministry of Energy ने इस बात की पुष्टि की है कि जाज़ान स्थित कंपनी की रिफाइनरी सुविधा में भोर के समय आग लगी थी। मंत्रालय ने साफ किया कि इस घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है और किसी के भी घायल होने की कोई सूचना नहीं है। संबंधित अधिकारी स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आग लगने का मूल कारण क्या था, लेकिन सुरक्षा टीमों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया।
हूती समूह का दावा और पुरानी घटनाएं
यमन के हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Yahya Saree ने मीडिया को बताया कि यह हमला यमन के सादा और हज्जा गवर्नरेट क्षेत्रों में हुए कथित सऊदी ड्रोन घुसपैठ का बदला लेने के लिए किया गया था। यह पिछले एक महीने के भीतर सऊदी अरब पर हुआ दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले 26 जुलाई 2026 को भी जाज़ान और यान्बू में अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया गया था। उस पुराने हमले के कारण जाज़ान की रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था क्योंकि इंटीग्रेटेड गैसिफाइड कंबाइंड साइकिल कॉम्प्लेक्स और टैंक फार्म क्षेत्र को नुकसान पहुंचा था।
उत्पादन और सुरक्षा पर प्रभाव
जाज़ान की यह प्रमुख रिफाइनरी प्रतिदिन 400,000 बैरल कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है, जो देश की ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा है। पिछले हफ्ते ही अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Amin Nasser ने स्वीकार किया था कि इन हमलों के कारण उत्पादन प्रक्रिया में कुछ समय के लिए बाधा उत्पन्न हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने पूरा भरोसा जताया था कि कंपनी जल्द ही सभी ऑपरेशन्स को पूरी क्षमता के साथ बहाल कर लेगी और इन हमलों का कोई बड़ा वित्तीय या परिचालन संबंधी दीर्घकालिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। रविवार को लगी इस आग को भी समय रहते उसी दिन बुझा लिया गया ताकि सामान्य कामकाज जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके।