Marib City Attack: हूती विद्रोही ने मारी मारिब शहर पर 3 बैलिस्टिक मिसाइल, विस्थापित शिविरों को बनाया निशाना.

यमन के मारिब शहर में एक बार फिर से हिंसा की बड़ी घटना सामने आई है जहाँ हूती बलों ने घनी आबादी वाले विस्थापित कैंपों को निशाना बनाकर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह खतरनाक हमला 15 अगस्त 2026 को हुआ, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा गया है। इस हालिया हमले से पूरे क्षेत्र में तनाव बहुत बढ़ गया है और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।
सहान अल-जिन्न मिलिट्री कैंप पर भी हुआ था हमला
यमन में चल रहे संघर्ष के दौरान इस हमले से पहले भी कई बार रिहायशी इलाकों और सैन्य ठिकानों पर हमले हो चुके हैं। हूती मिलिशिया ने इससे पहले सहान अल-जिन्न मिलिट्री कैंप और कई अन्य आवासीय क्षेत्रों को भी निशाना बनाया था। इन पुरानी घटनाओं में भी कई आम नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी और क्षेत्रीय शांति को बड़ा झटका लगा था। यमन के अंदर लगातार बिगड़ते हालात इस बात की गवाही दे रहे हैं कि स्थिति कितनी गंभीर होती जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
यमन के पब्लिक हेल्थ एंड पॉपुलेशन मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सीधा उल्लंघन है। जिन इलाकों को निशाना बनाया गया है वहाँ पहले से ही बेघर और विस्थापित लोग बहुत ही दयनीय स्थिति में रह रहे हैं। ऐसे बेसहारा लोगों पर मिसाइलें बरसाना मानवता के खिलाफ एक बड़ा अपराध है, जिसकी हर तरफ आलोचना हो रही है।
संयुक्त राष्ट्र की चिंता और कूटनीतिक प्रयास
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने यमन में फिर से बड़े पैमाने पर संघर्ष शुरू होने के खतरे पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यूएन अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि बातचीत के जरिए कोई समाधान निकाला जा सके। Saudi Press Agency की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शांति की अपील की जा रही है और युद्ध रोकने को कहा जा रहा है।
हूती सेना का रुख और आगे की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय दबाव और निंदा के बावजूद हूती सैन्य प्रवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे अपनी रणनीतिक कार्रवाइयों को नहीं रोकेंगे। उनका कहना है कि किसी भी सैन्य गतिविधि के जवाब में वे आगे भी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन जारी रखेंगे। इस जिद की वजह से यमन के आम नागरिकों का जीवन लगातार खतरे में बना हुआ है और शांति की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं।