यमन के Houthi नेता Abdul-Malik al-Houthi का बड़ा ऐलान, फिलिस्तीन का समर्थन जारी रहेगा और सऊदी अरब पर साधा निशाना.

यमन की राजधानी Sanaa में 25 अगस्त 2026 को पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिवस पर लाखों लोग इकट्ठा हुए। इस भारी भीड़ के सामने हूती नेता Abdul-Malik al-Houthi ने एक बड़ा भाषण दिया और फिलिस्तीन के लोगों के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया। उन्होंने साफ कहा कि इजराइल की हार तक यह मदद ऐसे ही चलती रहेगी और उनका संगठन पीछे नहीं हटेगा। इस भाषण के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति और पड़ोसी देशों की भूमिका पर भी खुलकर अपनी बात रखी।
सऊदी अरब पर लगाया बड़ा आरोप
अपने भाषण में हूती नेता ने Saudi Arabia की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की तरफ से जो नाकाबंदी और सैन्य तैयारियां की जा रही हैं, वे जुल्म हैं और सीधे तौर पर जायलवाद का साथ देती हैं। उन्होंने रियाद सरकार को चेतावनी दी कि अगर हालात और ज्यादा बिगड़े, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सऊदी प्रशासन की होगी। नेता ने यह भी कहा कि ऐसे कदम Sanaa की तरफ से पहले घोषित की गई 'ब्लॉकेड फॉर ब्लॉकेड' नीति को सही साबित करते हैं, जिसके तहत सऊदी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जा रहा है।
पश्चिम एशिया की संयुक्त रणनीति का जिक्र
अल-हूती ने अपने संबोधन में ईरान, लेबनान, सीरिया और यमन के खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाइयों को अमेरिका और इजराइल की एक साझा साजिश बताया। उन्होंने मुस्लिम देशों से अपील की कि वे अमेरिकी और जायदी आक्रामकता के खिलाफ एक मंच पर आएं। उन्होंने प्रतिरोधक ताकतों के बीच आपसी एकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने यमन के नागरिकों पर कथित पाबंदियों को लेकर सऊदी नेतृत्व की आलोचना की और दूसरी तरफ मक्का और मदीना के ऊपर इजराइल के लिए एयरस्पेस खोले जाने के आरोपों पर भी सवाल उठाया।
Taiz शहर में ताजा झड़पें
एक तरफ जहां जियोपॉलिटिकल बयानों का दौर चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर हिंसा भी जारी रही। 25 अगस्त 2026 की रात को दक्षिणी शहर Taiz के बाहरी इलाकों में यमन की सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच भयंकर लड़ाई शुरू हो गई। यह ईरान समर्थित मिलिशिया की तरफ से नए इलाकों पर कब्जा जमाने की एक और कोशिश थी, जिससे आम जनजीवन और सुरक्षा की स्थिति पर असर पड़ा है। स्थानीय स्तर पर इन झड़पों के कारण तनाव का माहौल बना हुआ है।