Red Sea Tension: बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास ऑयल टैंकर को बनाया गया निशाना, सऊदी अरब ने बनाई 13 देशों की नई डिफेंस टीम.

लाल सागर के पास एक बार फिर से समुद्री तनाव काफी बढ़ गया है जब हूती विद्रोहियों ने एक तेल के टैंकर को निशाना बनाने की कोशिश की। यह बड़ी घटना ठीक उस समय सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही यानी 10 से 11 अगस्त 2026 को एक कमर्शियल जहाज पर खतरनाक हमला हुआ था। उस हमले में चार क्रू मेंबर और दो बचाव कर्मियों की जान चली गई थी जिसके बाद पूरी दुनिया में इसकी कड़ी निंदा की गई थी। हूती विद्रोहियों का ऐसा कहना है कि वे यह सब सऊदी अरब के लंबे समय से चले आ रहे नाकाबंदी के जवाब में कर रहे हैं और उन्होंने सऊदी से जुड़े जहाजों पर नौसेना की नाकाबंदी का ऐलान भी कर दिया है।
सऊदी अरब ने बनाई 13 देशों की नई डिफेंस टीम
इस बिगड़ते हालात और सुरक्षा संकट को देखते हुए सऊदी अरब की सरकार ने 14 अगस्त 2026 को एक बड़ा कदम उठाया। सऊदी ने औपचारिक तौर पर 13 देशों के बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन की शुरुआत की घोषणा की जिसमें तुर्की और पाकिस्तान जैसे देश भी शामिल हैं। इस गठबंधन का मुख्य मकसद वैश्विक शिपिंग रूट्स और समुद्री रास्तों को पूरी तरह से सुरक्षित रखना है। लाल सागर का यह इलाका अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि दुनिया भर का लगभग 12 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय व्यापार इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता
इस मामले पर बात करते हुए संयुक्त राष्ट्र के दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लगातार शत्रुता और हमलों से पूरा क्षेत्र और ज्यादा खतरे में पड़ सकता है। इसके अलावा इससे यमन का मानवीय संकट और अधिक गंभीर रूप ले सकता है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से गल्फ आने-जाने वाले लोगों के लिए भी इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं क्योंकि इससे समुद्री यातायात और व्यापार पर असर पड़ता है। सरकारी और आधिकारिक बयानों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।