Hyderabad Aston Martin Case: हादसे के आरोपी का ब्लड सैंपल एफएसएल भेजा गया, पीड़ित परिवार मांग रहा इंसाफ.

Praggya Singh sabal21 August 20262 min read41 viewsIndia
Hyderabad Aston Martin Case: हादसे के आरोपी का ब्लड सैंपल एफएसएल भेजा गया, पीड़ित परिवार मांग रहा इंसाफ.

हैदराबाद के माधापुर इलाके में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे की जांच अब और तेज हो गई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खून के नमूने यानी ब्लड सैंपल जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटॉर यानी एफएसएल भेज दिए हैं। यह हादसा 16 अगस्त 2026 को हुआ था जब एक तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार ने 26 साल की सेल्सवुमन भारती मुखी को जोरदार टक्कर मार दी थी। इस सड़क हादसे में युवती की जान चली गई थी जिससे उसके पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पीड़ित परिवार की स्थिति और मांग

मृतक युवती भारती मुखी ओडिशा के मयूरभंज जिले की रहने वाली थी और हैदराबाद के इनऑर्बिट मॉल में नौकरी करती थी। वह अपने परिवार की इकलौती कमाने वाली सदस्य थी। उसकी मौत के बाद उसकी मां आनंदी मुखी और भाई रजनीकांत मुखी पूरी तरह अकेले हो गए हैं। परिवार के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है और वे लगातार प्रशासन से न्याय के साथ-साथ आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस दुखद घटना ने हर आम इंसान को झकझोर कर रख दिया है।

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आरोपी और पुलिस कार्रवाई की जानकारी

इस भीषण हादसे में शामिल एस्टन मार्टिन कार को चलाने वाला आरोपी 21 साल का बिजनेसमैन लिंगामेनी संजुश है। वह जनसेना पार्टी के राज्यसभा सांसद लिंगामेनी रमेश का बेटा है। बालनगर जोन के डीसीपी रितिराज के अनुसार घटना के तुरंत बाद आरोपी का शुरुआती अल्कोहल और ड्रग्स का टेस्ट किया गया था जो नेगेटिव आया था। माधापुर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 106(1) के तहत लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है।

चूंकि यह अपराध आरनेश कुमार फैसले और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस की धारा 35(1) के तहत जमानती है इसलिए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाय बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया और उसे थाने से ही जमानत दे दी। इस पुलिस कार्रवाई को लेकर आम लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

गाड़ी की जब्ती और आगे की जांच

साइबराबाद पुलिस ने दुर्घटना में शामिल एस्टन मार्टिन कार जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर TG-09-G-0666 है उसे अपने कब्जे में ले लिया है। मोटर वाहन निरीक्षक यानी एमवीआई ने 21 अगस्त को गाड़ी की पूरी जांच की है और इसका औपचारिक रिपोर्ट अगले तीन से चार दिनों में आने की उम्मीद है। माधापुर के एसएचओ केवी सुब्बाराओ ने इस बात की पुष्टि की है कि पुलिस अभी भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और मामले की जांच बहुत ही सक्रियता से की जा रही है।

दूसरी ओर आरोपी लिंगामेनी संजुश ने मौके से भागने के आरोपों से साफ इनकार किया है। उसका कहना है कि टक्कर के तुरंत बाद उसने ही भारती मुखी को अपोलो अस्पताल पहुंचाया था और उसके बाद खुद पुलिस थाने जाकर पूरी पूछताछ में सहयोग किया था। इस मामले की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर देख सकते हैं।

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