आईसीसी प्रतिबंधों पर अमरीकी प्रशासन घिरा, मानवाधिकार संगठनों ने कोर्ट में दी चुनौती और हटाने की मांग की

Sushma Kumari11 August 20262 min read78 viewsWorld
आईसीसी प्रतिबंधों पर अमरीकी प्रशासन घिरा, मानवाधिकार संगठनों ने कोर्ट में दी चुनौती और हटाने की मांग की

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय यानी ICC के खिलाफ अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump प्रशासन की ओर से लगाए गए प्रतिबंध अब कानूनी मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं। इस मामले को लेकर चार बड़े अमरीकी मानवाधिकार संगठनों ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में आधिकारिक तौर पर मुकदमा दायर कर दिया है और इन सभी पाबंदियों को तुरंत प्रभाव से हटाने की पुरजोर मांग की है। संगठनों का साफ तौर पर यह कहना है कि सरकार के इस प्रकार के फैसलों से युद्ध अपराधों और मानवाधिकार उल्लघनों के पीड़ितों के लिए न्याय पाना बेहद कठिन होता जा रहा है।

अमरीकी मानवाधिकार संगठनों ने उठाया कड़ा कदम

न्यायालय में याचिका दायर करने वाले प्रमुख संगठनों में प्रसिद्ध संस्था Human Rights Watch भी पूरी मजबूती के साथ शामिल है। इन सभी संगठनों का यह गंभीर आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय से जुड़े हुए सम्मानित न्यायाधीशों और सरकारी अभियोजकों के ऊपर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध और उनकी संपत्तियों को फ्रीज करने जैसे कदम पूरी तरह से अमरीकी कानूनों के खिलाफ हैं। दायर की गई याचिका में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि यह कार्रवाई अमरीकी संविधान के प्रथम संशोधन के तहत नागरिकों को दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का खुला उल्लंघन करती है।

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न्यायिक स्वतंत्रता और कानून के राज पर मंडराता खतरा

मानवाधिकार संगठनों ने अदालत के सामने अपनी बात रखते हुए इन प्रतिबंधों को पूरी तरह से खारिज करने की मांग की है और इसे न्यायिक स्वतंत्रता तथा कानून के शासन के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बताया है। उनके मुताबिक इस प्रकार की सख्त पाबंदियां युद्ध अपराध, नरसंहार और मानवता के खिलाफ किए गए गंभीर अपराधों के आरोपियों को कानून के कटघरे में खड़ा करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं। इन संगठनों का यह भी मानना है कि इन फैसलों का बुरा असर केवल सीधे तौर पर प्रभावित होने वाले अधिकारियों पर ही नहीं पड़ता है, बल्कि यह पूरी अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता को भी कमजोर करता है।

अब अदालत तय करेगी अमरीकी सरकार की कानूनी सीमाएं

इन तमाम कानूनी पहलुओं के सामने आने के बाद अब न्यूयॉर्क की अदालत को यह तय करना है कि अमरीकी प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई देश के संविधान और कानूनी सीमाओं के दायरे में आती है या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी सबसे पहले 11 अगस्त को Hindustan Samachar के पत्रकार आकाश कुमार राय द्वारा रिपोर्ट की गई थी, जिसे अब अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए चुनौती दी जा रही है। अब देखना यह होगा कि अदालत मानवाधिकार संगठनों की इस याचिका पर क्या फैसला सुनाती है और क्या अमरीकी प्रशासन अपने इन पुराने फैसलों में किसी प्रकार का बदलाव करता है या नहीं।

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