International Energy Agency: तेल की मांग में बड़ी गिरावट का अनुमान, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी कीमतें

Aanya12 August 20263 min read52 viewsWorld
International Energy Agency: तेल की मांग में बड़ी गिरावट का अनुमान, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी कीमतें

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA ने अपनी अगस्त महीने की ऑयल मार्केट रिपोर्ट में दुनिया भर के लोगों को एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर दी है। एजेंसी ने साल 2026 के दौरान वैश्विक स्तर पर तेल की मांग में प्रतिदिन 1.6 मिलियन बैरल की भारी गिरावट आने की भविष्यवाणी की है। यह नया अनुमान पिछले महीने के मुकाबले करीब 510,000 बैरल प्रति दिन अधिक है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य का लगातार बंद रहना और ईंधन की कीमतों में लगातार बनी तेजी है, जिसकी वजह से दुनियाभर में तेल की खपत कम होती जा रही है। आम आदमी और गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि इससे आने वाले दिनों में हर जरूरी चीज के दाम पर असर पड़ सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि साल 2027 तक वैश्विक तेल की मांग में 2.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी भी देखने को मिल सकती है।

साल 2026 की तिमाहीवार स्थिति और तेल की मांग

IEA की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की दूसरी तिमाही में तेल की मांग में सालाना गिरावट 4.9 मिलियन बैरल प्रति दिन थी, जो तीसरी तिमाही में घटकर 2.8 मिलियन बैरल प्रति दिन पर आ जाएगी। इसके अलावा, साल की आखिरी तिमाही में तेल की मांग फिर से पटरी पर लौटती हुई नजर आएगी और इसमें प्रतिदिन 580,000 बैरल की वृद्धि दर्ज की जाएगी। अगर सप्लाई यानी आपूर्ति की बात करें तो एजेंसी का अनुमान है कि साल 2026 में वैश्विक तेल की कुल सप्लाई में 4.3 मिलियन बैरल प्रति दिन की भारी गिरावट आएगी, जिससे कुल सप्लाई घटकर 102 मिलियन बैरल रह जाएगी। अमेरिका और आसपास के देशों से मिलने वाले 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन की अतिरिक्त सप्लाई से मिडिल ईस्ट और रूस में हुए बड़े नुकसान की भरपाई पूरी तरह नहीं हो पा रही है। इसके बाद साल 2027 में तेल की सप्लाई में जोरदार सुधार होने की उम्मीद है और यह बढ़कर 110.3 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकती है।

तेल के स्टॉक में भारी कमी और बाजार का हाल

दुनियाभर के बाजारों में तेल के संतुलन की बात करें तो साल 2026 की तीसरी तिमाही में बाजार में 1.8 मिलियन बैरल प्रति दिन का बड़ा घाटा देखने को मिल सकता है, जो पिछले महीने के करीब 800,000 बैरल प्रति दिन के अनुमान से दोगुने से भी ज्यादा है। जुलाई के महीने में दुनिया भर में मौजूद तेल का स्टॉक अचानक गिरकर 69 मिलियन बैरल या फिर 2.2 मिलियन बैरल प्रति दिन कम हो गया। जुलाई के आखिर तक दुनिया भर में बचा हुआ कुल तेल स्टॉक घटकर 7.9 अरब बैरल से भी नीचे चला गया है, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे कम स्तर है। फरवरी के आखिर से लेकर जुलाई के आखिर तक कुल मिलाकर 410 मिलियन बैरल तेल का स्टॉक खर्च हो चुका है, जो औसतन 2.7 मिलियन बैरल प्रति दिन बनता है। हालांकि बाजार के साल के अंत तक फिर से सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन IEA ने चेतावनी दी है कि खतरे अभी भी बहुत ज्यादा हैं और स्टॉक तेजी से खत्म होने की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द फिर से खोलना बेहद जरूरी हो गया है ताकि आम जनता और बाजार को राहत मिल सके।

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