Gulf Conflict: IEA ने घटाई तेल आपूर्ति और मांग, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को रखने से किया इंकार.

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA ने 12 अगस्त 2026 को वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर अपना नया अनुमान जारी किया है। एजेंसी ने इस साल तेल आपूर्ति में 4.3 मिलियन बैरल प्रति दिन की भारी गिरावट की आशंका जताई है, जो कि इसके पिछले जुलाई महीने के 3.7 मिलियन bpd के अनुमान से काफी ज्यादा है। इस बीच मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर कोई समझौता न होने के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है, जिसे एजेंसी ने रिकॉर्ड पर सबसे बड़ा व्यवधान बताया है। इस संकट का असर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
ईरान का कड़ा रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने 12 अगस्त को साफ कर दिया कि Strait of Hormuz बंद ही रहेगा। ईरानी अधिकारियों में शामिल सीनियर सलाहकार Mehdi Mohammadi और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने दोहराया कि इस जलडमरूमध्य को तभी खोला जाएगा जब युद्ध का एक ठोस अंत होगा और अमेरिका ईरान की सभी शर्तें पूरी करेगा। इन शर्तों में ईरान के जमे हुए फंड को जारी करना और गाजा तथा लेबनान में चल रहे संघर्ष को रोकना शामिल है। ईरान के इस रुख से खाड़ी देशों में तनाव और बढ़ गया है, जिससे वहां रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों के मन में चिंता पैदा हो रही है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया और सैन्य कार्रवाई
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 12 अगस्त को कहा कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है और वह इसे बनाए रखेगा। अमेरिकी नौसेना ने इस रास्ते पर कड़ा पहरा बैठा रखा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM की 11 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में पनामा के झंडे वाले कमर्शियल जहाज Vela Nova को रोककर बेकार कर दिया क्योंकि उस जहाज ने चेतावनियों की अनदेखी की थी और नाकाबंदी तोड़कर ईरानी बंदरगाह की तरफ जाने की कोशिश की थी। इसके अलावा, पिछले 24 घंटों में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मदबे जलडमरूमध्य में तंजानिया के कार्गो जहाज Tihamah पर हमला कर दिया, जिसमें चार क्रू मेंबर सहित कुल छह लोगों की मौत हो गई।
शांति के प्रयास और पाकिस्तान-कतर की मध्यस्थता
पाकिस्तान और कतर ने 12 अगस्त को इस तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें कीं, लेकिन ईरान ने अपने सख्त रुख में कोई नरमी नहीं बरती और जलडमरूमध्य को बंद रखने के अपने फैसले पर कायम रहा। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप UniIndia News पर देख सकते हैं। खाड़ी देशों में इस तरह के तनाव से वहां के हालात पर असर पड़ रहा है, जिससे आम लोगों और कामगारों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।