IGI Airport: इस्तांबुल से आई दो महिला यात्रियों के पास से 1 किलो सोना बरामद, कस्टम विभाग ने की कार्रवाई

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर सुरक्षा और जांच के दौरान कस्टम विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। 5 अगस्त, 2026 को इस्तांबुल से आने वाली एक फ्लाइट में सवार दो महिला यात्रियों के पास से 1 किलोग्राम सोना जब्त किया गया। कस्टम अधिकारियों की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके लिए उन्होंने एडवांस पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (APIS) का उपयोग करके पहले ही प्रोफाइलिंग कर ली थी। ये दोनों यात्री इस्तांबुल से 6E-12 उड़ान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे।
सोना तस्करी रोकने के लिए सख्त कदम
हवाई अड्डे पर तैनात सीमा शुल्क अधिकारियों ने बताया कि यह जब्ती लगातार चल रहे उन अभियानों का हिस्सा है, जिनका मुख्य उद्देश्य देश में अवैध रूप से सोने की तस्करी को रोकना है। ऐसी घटनाएं अक्सर हवाई अड्डों पर सामने आती रहती हैं, जहां यात्री कीमती धातुओं को छिपाकर लाने की कोशिश करते हैं। भारतीय सीमा शुल्क नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री सोना लाता है, तो उस पर सख्त नियम लागू होते हैं।
जानकारी के मुताबिक, अगर सोना गहनों के अलावा किसी और रूप जैसे कि बार या सिक्के के रूप में लाया जाता है, तो वह ड्यूटी-फ्री भत्ते की श्रेणी में नहीं आता है। ऐसे सोने पर पहले ग्राम से ही सीमा शुल्क (customs duty) लगाया जाता है। इन नियमों की विस्तृत जानकारी के लिए आप आधिकारिक सीमा शुल्क दिशानिर्देशों को देख सकते हैं।
टैक्स और जुर्माने के नियम
वर्तमान टैरिफ के अनुसार, यदि कोई यात्री छह महीने या उससे अधिक समय तक विदेश में रहने के बाद आता है, तो सोने के आयात पर लगभग 6 प्रतिशत सीमा शुल्क देना पड़ता है। इसमें बेसिक कस्टम ड्यूटी और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस दोनों शामिल हैं। हालांकि, यदि विदेश में प्रवास की अवधि कम है, तो यह टैक्स काफी ज्यादा बढ़ सकता है और 38.5 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि यात्री कुछ शर्तों के तहत सीमित मात्रा में गहने बिना ड्यूटी के ला सकते हैं, लेकिन तय सीमा से अधिक कीमती सामान होने पर उसे घोषित करना जरूरी है। यदि कोई यात्री इसे छिपाने की कोशिश करता है या डिक्लेयर नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कस्टम एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें सोने की जब्ती, भारी जुर्माना और यहां तक कि कानूनी अभियोजन भी शामिल हो सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपना सामान रेड चैनल पर घोषित करें या फिर ATITHI मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके इसकी जानकारी विभाग को दें ताकि वे किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बच सकें।