IGI Airport पर बड़ा गोल्ड स्मगलिंग का पर्दाफाश, रियाद से आए यात्री के पास से निकला सोना.

नई दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर कस्टम अधिकारियों ने तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। 20 अगस्त 2026 को अधिकारियों ने अपनी सतर्कता और खुफिया जानकारी के आधार पर एक सुनियोजित तरीके से चल रहे सोने की तस्करी के रैकेट को पकड़ा। इस मामले में एक कैरियर और एक रिसीवर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो इस अवैध कारोबार को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे। हवाई अड्डे पर तैनात अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण सोने की यह बड़ी खेप पकड़ी गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है।
रियाद से आ रही फ्लाइट से पकड़ा गया तस्कर
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, एक भारतीय नागरिक सऊदी अरब की राजधानी Riyadh से फ्लाइट नंबर SV-760 के जरिए दिल्ली पहुंचा था। जब यह यात्री ग्रीन चैनल से बाहर निकल रहा था, तब सुरक्षा अधिकारियों ने यात्री प्रोफाइलिंग और खुफिया इनपुट के आधार पर उसे रोक लिया। इसके बाद यात्री के सामान की एक्स-रे मशीन से जांच की गई, जिसमें कुछ संदिग्ध चीजें नजर आईं। इस संदिग्ध छवि को देखने के बाद अधिकारियों ने तुरंत यात्री के सामान की गहन शारीरिक जांच करने का फैसला किया।
कैप्सूल में छुपाकर लाया गया था सोना
जब अधिकारियों ने सामान और यात्री की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। यात्री के पास से दो अंडाकार यानी ओवल शेप के कैप्सूल बरामद किए गए, जिनके अंदर 745.8 ग्राम सोने का पेस्ट छुपाकर रखा गया था। इसके अलावा दिल्ली एयरपोर्ट कस्टम विभाग ने एक अन्य रिकवरी में 1,400 ग्राम वजन के बारह आयताकार सोने के बिस्कुट भी जब्त किए। इन सभी जप्त किए गए सोने की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 65.57 लाख रुपये बताई जा रही है, जो इस तस्करी के बड़े पैमाने को साफ दिखाता है।
बाहर इंतजार कर रहा रिसीवर भी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान पकड़े गए कैरियर ने अधिकारियों को बताया कि एयरपोर्ट टर्मिनल के बाहर उसका एक साथी यानी रिसीवर उसका इंतजार कर रहा था, जिसे यह सारा सोना सौंपा जाना था। इस खुलासे के बाद कस्टम अधिकारियों ने बिना समय गंवाए तुरंत कार्रवाई की और हवाई अड्डे के बाहर खड़े कथित रिसीवर को भी ढूंढ निकाला और दबोच लिया। इस तरह से इस अवैध धंधे में शामिल दोनों भारतीय नागरिकों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। Delhi Customs (Airport & General) ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि इस तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे के अन्य लोगों का पता लगाने के लिए आगे की जांच अभी जारी है।