अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों का आतंक, 90 से ज्यादा नाविक बंधक, कई भारतीय भी शामिल.

Sushma Kumari24 August 20263 min read47 viewsIndia
अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों का आतंक, 90 से ज्यादा नाविक बंधक, कई भारतीय भी शामिल.

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी IMO ने अदन की खाड़ी और पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री लुटेरों के बढ़ते हमलों को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने तत्काल और बिना किसी शर्त के 90 से अधिक नाविकों को सुरक्षित छोड़ने की मांग की है। 24 अगस्त 2026 को IMO के महासचिव Arsenio Dominguez ने इस मामले में गंभीर चिंता जताई और कहा कि समुद्री जहाजों के अपहरण की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तुरंत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इस घटना से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि इन जहाजों पर कई भारतीय नागरिक भी फंसे हुए हैं।

बंधक जहाजों की स्थिति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

खुफिया रिपोर्टों से यह बात सामने आई है कि इस समय समुद्री लुटेरों के पास कुल 6 जहाज कब्जे में हैं। हाल ही की घटनाओं में एरिट्रिया के झंडे वाले तेल उत्पाद टैंकर जहाज MT Sibu 1 (जिसे SEAMULL भी कहा जाता है) को 22 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास اغوا (अपहरण) कर लिया गया था। इस जहाज पर कुल 20 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 16 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, कैमरून के झंडे वाले कार्गो जहाज Lutuf को भी 17 अगस्त 2026 को सोमालिया के तट के पास पकड़ लिया गया था, जिस पर 10 लोग सवार थे। रिपोर्टों के अनुसार, एक अन्य जहाज MT Honour 25 पर भी 10 पाकिस्तानी नाविक बंधक बनाए गए हैं। इन हालातों को देखते हुए खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले या वहां नौकरी करने वाले लोगों के परिवारों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

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सरकारों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस गंभीर संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सीनेटर Mohammad Ishaq Dar ने 24 अगस्त 2026 को लंदन में IMO महासचिव Arsenio Dominguez से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बंधक बनाए गए 10 पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षित रिहाई के लिए जल्द से जल्द हस्तक्षेप करना था। दूसरी तरफ, यमन के स्थानीय प्रशासन ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में आपसी तालमेल और सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समिति का गठन कर दिया है। इसके अलावा, DCoC/JA के हस्ताक्षरकर्ता देशों ने सोमालिया में एक बार फिर से संगठित हो रहे समुद्री लुटेरों की गतिविधियों की कड़ी निंदा की है।

समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए IMO सभी तटीय राज्यों और जहाजों के मालिकों को सुरक्षा उपाय कड़े करने की सलाह दे रहा है। संगठन ने खास तौर पर समुद्री सुरक्षा के लिए उद्योग के मानकों और MSC.1/Circ.1601/Rev.2 में दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। इन दिशा-निर्देशों का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जहाज किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें और नाविकों की जान जोखिम में न पड़े। समुद्री लुटेरों की इन हरकतों से यह साफ हो जाता है कि समंदर के रास्तों पर सफर करने वाले नाविकों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है।

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