Imran Khan Medical Update: पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान का हुआ मेडिकल टेस्ट, परिवार ने लगाया गंभीर आरोप.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan को अदियाला जेल में एक विवादित मेडिकल जांच के बाद वापस भेज दिया गया। यह मेडिकल जांच 21 अगस्त 2026 को सुबह करीब 5 बजे हुई, जिसके बाद उनके परिवार और सरकार के बीच विवाद खड़ा हो गया। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि इमरान खान को इलाज के लिए 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए, लेकिन उन्हें वहां ले जाने के बजाय सरकारी अस्पताल पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। इस पूरी घटना के बाद से राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है और लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
अस्पताल बदलने पर क्या बोली सरकार
पाकिस्तान के सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने मीडिया को बताया कि अस्पताल का रास्ता बदलने की मुख्य वजह सुरक्षा से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं ने शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल के रास्ते में और अस्पताल के बाहर भारी सुरक्षा स्थिति पैदा कर दी थी, जिसकी वजह से वहां जाना मुमकिन नहीं हो पाया। मंत्री ने यह भी कंफर्म किया कि एक मेडिकल टीम ने, जिसमें नेत्र विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ और एक अन्य डॉक्टर शामिल थे, इमरान खान की पूरी जांच की और उन्हें सेहतमंद घोषित किया। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल के डॉक्टर भी PIMS में मौजूद थे।
परिवार और पार्टी के गंभीर आरोप
इमरान खान की बहन Uzma Khan ने आरोप लगाया कि उनके भाई ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा है कि उन्हें जेल में बार-बार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके भाई को अकेले एक कमरे में रखना मानसिक टॉर्चर जैसा है। इसके अलावा, इमरान खान के निजी डॉक्टर Dr. Faisal Sultan ने बताया कि वे शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री को उस अस्पताल में नहीं लाया जाएगा। इन सभी बातों को लेकर पार्टी और परिवार में काफी गुस्सा देखा जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई और प्रदर्शन की तैयारी
सरकार के इन कदमों के जवाब में पीटीआई (PTI) पार्टी ने अदालत के आदेश का पालन न करने पर सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने का फैसला किया है। पार्टी ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर इमरान खान को जल्द रिहा नहीं किया गया तो पूरे देश में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इससे पहले दिसंबर 2025 में यूएन स्पेशल रैपपोर्टियर की एक रिपोर्ट में भी कहा गया था कि जेल में कैमरों की निगरानी और परिवार व वकीलों से मिलने पर रोक जैसी पाबंदियां टॉर्चर के बराबर हो सकती हैं। इन पुरानी रिपोर्टों और ताजा घटनाक्रम ने जेल की स्थिति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।