भारत यात्रा करने वालों के लिए नियम बदले, 2 फरवरी से लागू हुए नए लगेज रूल्स और ड्यूटी लिमिट्स.

Nura Basta4 August 20262 min read486 viewsIndia
भारत यात्रा करने वालों के लिए नियम बदले, 2 फरवरी से लागू हुए नए लगेज रूल्स और ड्यूटी लिमिट्स.

अगर आप भारत की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो नई दिल्ली से आई यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) ने भारत आने वाले यात्रियों के लिए नए Baggage Rules, 2026 लागू कर दिए हैं, जो 2 फरवरी, 2026 से प्रभावी हैं। इन नियमों का उद्देश्य हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर सामान की जांच और ड्यूटी से जुड़ी प्रक्रिया को स्पष्ट करना है। इसके साथ ही, 1 अप्रैल, 2026 से सामान पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को घटाकर 10% कर दिया गया है।

बढ़े हुए ड्यूटी-फ्री अलाउंस के नियम

नए नियमों के तहत, भारत आने वाले यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री सामान की सीमा में बढ़ोतरी की गई है। अब भारतीय निवासी, NRI, OCI कार्डधारक और गैर-पर्यटक वीजा वाले यात्री 75,000 रुपये तक का सामान बिना किसी शुल्क के ला सकते हैं, जबकि पहले यह सीमा 50,000 रुपये थी। विदेशी पर्यटकों के लिए यह सीमा 25,000 रुपये तय की गई है। इसके अलावा, 18 वर्ष से अधिक आयु के यात्री एक लैपटॉप या नोटबुक को अपनी जनरल लिमिट से अलग, पूरी तरह ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं। ध्यान रखें कि ड्यूटी-फ्री अलाउंस को अलग-अलग यात्रियों के बीच आपस में जोड़ा नहीं जा सकता है।

गोल्ड, शराब और तंबाकू पर सीमा

विदेशी धरती पर एक साल या उससे अधिक समय बिताने वाले भारतीय निवासियों और NRI के लिए सोना लाने के नियम भी तय हैं। महिलाएं 40 ग्राम और पुरुष 20 ग्राम तक सोना ला सकते हैं। इसके अलावा शराब की सीमा 2 लीटर और तंबाकू उत्पादों में 100 सिगरेट तक की अनुमति दी गई है। यात्री इन नियमों की पूरी जानकारी CBIC की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

सामान का डिक्लेरेशन और दंड

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने पास मौजूद सामान की जानकारी Green Channel या Red Channel के जरिए जरूर दें। सुविधा के लिए सरकार ने ICEGATE पोर्टल और Atithi मोबाइल ऐप के माध्यम से आगमन से तीन दिन पहले ही डिजिटल घोषणा करने की सुविधा दी है। अधिक जानकारी के लिए Mumbai Customs की गाइडलाइंस चेक करें। यदि कोई यात्री बिना डिक्लेरेशन के प्रतिबंधित सामान लाता है या गलत जानकारी देता है, तो उस पर भारी जुर्माना लग सकता है। इसमें सामान जब्त होने के साथ-साथ ड्यूटी का 100% जुर्माना या कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब intelligence-based screening का उपयोग किया जा रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment