India Bangladesh Relations: भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ा, पीएम तारिक रहमान का दौरा टला.

भारत और बांग्लादेश के बीच के रिश्ते इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं, जिसके कारण बांग्लादेश के प्रधानमंत्री Tarique Rahman की प्रस्तावित भारत यात्रा पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं और यह दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। भारत सरकार ने उन्हें द्विपक्षीय यात्रा के साथ-साथ आगामी BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए 12-13 सितंबर 2026 को आमंत्रित किया था। हालांकि, ढाका ने साफ कर दिया है कि जब तक पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के प्रत्यर्पन यानी उन्हें वापस सौंपने की शर्तों पर बात नहीं होती, तब तक यह दौरा आगे नहीं बढ़ेगा।
शेख हसीना के बयानों से बढ़ा बांग्लादेश में आक्रोश
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को नवंबर 2025 में मानवता के खिलाफ अपराध के मामलों में अदालत ने अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी और वह इन दिनों भारत में ही रह रही हैं। 5 अगस्त 2026 को भारतीय जमीन से शेख हसीना द्वारा दिए गए एक सार्वजनिक भाषण के बाद से बांग्लादेश में भारी नाराजगी देखने को मिली है। इस मामले पर स्थिति साफ करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने उनके इस कार्यक्रम को आयोजित करने में कोई मदद नहीं की थी और न ही भारत उनके राजनीतिक विचारों का समर्थन करता है। हालांकि, भारतीय प्रशासन ने अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक वादा नहीं किया है कि उन्हें भारतीय धरती पर निजी राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने से पूरी तरह रोका जाएगा। जानकारों का मानना है कि अगर भारत इस बात की पक्की गारंटी दे दे कि वह अपनी जमीन से कोई राजनीति नहीं करेंगी, तो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में सुधार आ सकता है.
बांग्लादेश सरकार का बयान और आगे की स्थिति
बीते 23 अगस्त 2026 को बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री Humaiun Kobir ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री Tarique Rahman के भारत दौरे को लेकर किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की यात्रा तभी संभव है जब दोनों देशों के बीच का माहौल सही हो, बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता मिले और दोनों पक्षों के बीच पर्याप्त बातचीत हो सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दौरा पहले 20 से 25 अगस्त 2026 के बीच होने की उम्मीद जताई जा रही थी, जो अब पूरी तरह से Sheikh Hasina और अन्य आरोपितों के प्रत्यर्पण से जुड़ गया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप UNI India Report पर जा सकते हैं। दूसरी तरफ, भारत का यह रुख है कि प्रत्यर्पण के सभी अनुरोध अभी कानूनी समीक्षा के दायरे में हैं और भविष्य के संबंध आपसी हितों तथा तालमेल पर ही टिके रहने चाहिए।