भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत कारोबारी रिश्तों पर जोर, उच्चायुक्त ने कहा कि राजनीति अपनी जगह लेकिन लोगों का हित है सबसे ऊपर.

Nura Basta24 August 20262 min read62 viewsIndia
भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत कारोबारी रिश्तों पर जोर, उच्चायुक्त ने कहा कि राजनीति अपनी जगह लेकिन लोगों का हित है सबसे ऊपर.

भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी रिश्तों को लेकर एक नया और सकारात्मक संदेश सामने आया है। भारत के उच्चायुक्त ने सोमवार को यह बात साफ कर दी है कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापार और बिजनेस को बढ़ावा देना इस समय सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बातें और कूटनीति अपने हिसाब से चलती रहेंगी, लेकिन आम जनता के हक और उनकी आर्थिक भलाई को हमेशा प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस सोच से दोनों देशों के बीच आने वाले दिनों में और भी बेहतर तालमेल देखने को मिल सकता है।

वाणिज्य मंत्री के साथ हुई अहम बैठक

ढाका में वाणिज्य मंत्री खांडकर अब्दुल मुक्तादिर के साथ सचिवालय में हुई एक जरूरी मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय दूत ने अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि दोनों देशों को मिलकर आपसी व्यापार को आगे बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। जनता तक समय पर जरूरी सुविधाएं और काम के नए अवसर पहुंचाना दोनों ही सरकारों की बड़ी जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि आने वाले समय में भारत-बांग्लादेश संबंध पूरी तरह सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे और इससे दोनों तरफ के लोगों को फायदा पहुंचेगा।

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भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश को एक स्वतंत्र, संप्रभु और जीवंत देश के रूप में संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का छोटा या बड़ा होने का भेद नहीं होना चाहिए। हम सब एक समान हैं और इसी बराबरी के रिश्ते के आधार पर हमें आगे की योजनाओं पर काम करना होगा।

आम आदमी की शांति और जरूरतें हैं सबसे अहम

बातचीत के दौरान शांति और आपसी भाईचारे की अहमियत पर भी खास जोर दिया गया। दूत ने कहा कि जब समाज में शांति कायम होती है, तभी तरक्की और खुशहाली के रास्ते अपने आप खुल जाते हैं। आम इंसान की मांगें बहुत छोटी और बुनियादी होती हैं। हर कोई एक बेहतर जिंदगी, जरूरी सुविधाएं और सबसे बढ़कर शांति चाहता है। इसलिए दोनों देशों के नीति-निर्माताओं और नेताओं का यह फर्ज बनता है कि वे जब भी कोई बड़ा फैसला लें, तो उसका सीधा असर समाज के सबसे गरीब तबके और आम आदमी पर जरूर देखें।

इस दौरान देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को भी याद किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी नीति या फैसले का सही मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि उसका प्रभाव समाज के सबसे कमजोर और आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति पर कैसा पड़ता है।

जॉइंट वेंचर और सीमावर्ती इलाकों में व्यापार के नए मौके

दोनों देशों के बीच कारोबारी सहयोग को बढ़ाने के लिए नए संयुक्त उद्यम यानी जॉइंट वेंचर शुरू करने की जरूरत बताई गई। सीमा से लगे हुए इलाकों में दोनों देशों के व्यापारी और कारोबारी मिलकर अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकते हैं। निजी क्षेत्र यानी प्राइवेट सेक्टर की तारीफ करते हुए कहा गया कि आर्थिक स्थिति सुधारने और लोगों को आपस में जोड़ने में व्यापारियों की भूमिका बहुत बड़ी होती है।

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