भारत सरकार का बड़ा एक्शन, 2026 के पहले 8 महीनों में देश लाए गए 51 खतरनाक अपराधी.

Aanya24 August 20262 min read70 viewsIndia
भारत सरकार का बड़ा एक्शन, 2026 के पहले 8 महीनों में देश लाए गए 51 खतरनाक अपराधी.

भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने देश के बाहर छुपे बैठे अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए 2026 के पहले आठ महीनों में कुल 51 कुख्यात और खतरनाक अपराधियों को भारत वापस लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस बात की आधिकारिक पुष्टि देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की है, जिन्होंने बताया कि सरकार की इस रणनीतिक और सख्त नीति का मुख्य उद्देश्य गंभीर मामलों में शामिल भगोड़ों को कानून के शिकंजे में लाना है। अकेले अगस्त महीने के दौरान ही विदेश से 6 अपराधियों को भारत डिपोर्ट किया गया है, जो सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी को साफ तौर पर दिखाता है।

मलेशिया और यूएई से हुई बड़ी गिरफ्तारियां

हाल ही में चलाए गए अभियानों के तहत मलेशिया से बंबीहा गैंग के तीन सदस्यों—जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह को 24 अगस्त 2026 को भारत डिपोर्ट किया गया। इन तीनों आरोपियों को मलेशियाई अधिकारियों की मदद से पकड़ा गया और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही पंजाब पुलिस ने इन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। इन पर जबरन वसूली, सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा लुधियाना में ग्रेनेड हमले की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। इससे पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी NCB ने 14 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE से वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत वापस लाने में सफलता पाई। बसोया पर मेफेड्रोन ड्रग्स के निर्यात को कोऑर्डिनेट करने का आरोप है और उसे जून 2026 में संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में लिया गया था। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News और News On AIR की रिपोर्ट देख सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर चल रहा है अभियान

अपराधियों को देश वापस लाने की ये तमाम कार्रवाई गृह मंत्रालय के 'विज़न डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल (2026-2029)' के तहत की जा रही है, जिसमें विदेशों में छिपे भगोड़ों का पता लगाने और उन्हें वापस लाने के लिए आपसी तालमेल को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। साल 2026 की शुरुआत में भी कई बड़े डिपोर्टेशन हुए हैं, जिनमें मई के महीने में UAE से कमलेश पारेख समेत दो भगोड़ों की वापसी और अप्रैल में 'ऑपरेशन ग्लोबल-Hunt' के तहत दाऊद इब्राहिम सिंडिकेट से जुड़े मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से भारत लाना शामिल है। इस पूरे मिशन को सफल बनाने के लिए गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI और इंटरपोल जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि विदेशों से संचालित होने वाले आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।

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