India Energy Security: भारत ने एनर्जी सुरक्षा के लिए बढ़ाया दायरा, अब 15 देशों से होगी एलएनजी की सप्लाई.

Nura Basta10 August 20263 min read103 viewsIndia
India Energy Security: भारत ने एनर्जी सुरक्षा के लिए बढ़ाया दायरा, अब 15 देशों से होगी एलएनजी की सप्लाई.

भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और किसी भी तरह की संभावित रुकावट से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। देश ने अपनी liquefied natural gas (LNG) यानी एलएनजी की खरीद का दायरा 6 देशों से बढ़ाकर अब 15 देशों तक कर लिया है। इस बात की जानकारी सरकार की तरफ से राज्यसभा में सोमवार, 10 अगस्त 2026 को दी गई। इस नए बदलाव से भारत अब किसी एक देश या खास रास्ते पर निर्भर नहीं रहेगा, जिससे बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव और समुद्री रास्तों की दिक्कतों से आसानी से निपटा जा सके.

पेट्रोलियम मंत्रालय की कड़ी नजर

Ministry of Petroleum and Natural Gas ने सरकारी तेल कंपनियों और अन्य जानकारों के साथ मिलकर देश की ऊर्जा सप्लाई पर लगातार नजर रखने का काम किया है। मंत्रालय वैश्विक हालातों को देखते हुए हर खतरे का आकलन करता है। केवल एलएनजी ही नहीं, बल्कि भारत ने अपने कच्चे तेल यानी crude oil के आयात का दायरा भी 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक कर दिया है। पिछले दिनों 9 अगस्त 2026 को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने साफ किया था कि भारत ने दुनिया भर में चल रहे ऊर्जा संकट के बावजूद अपने देश में ईंधन की कमी नहीं होने दी है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले LPG और एलएनजी की उपलब्धता हमेशा 100 प्रतिशत बनी रहे.

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अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा सप्लायर

इस नई रणनीति का असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। Equirus Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, मई से जुलाई 2026 के दौरान भारत के एलएनजी आयात में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह कुल 7.08 million tons (MT) तक पहुंच गया है। इस दौरान United States भारत का सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर बनकर उभरा है, जिसने अकेले 2.19 MT गैस की आपूर्ति की है। अमेरिकी सप्लाई बढ़ने की वजह से पारंपरिक रूप से गैस भेजने वाले देश कतर की शिपिंग में भारी गिरावट देखी गई है, जिसमें करीब 91 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अलावा नाइजीरिया, ओमान और अंगोला भी भारत को गैस भेजने वाले प्रमुख देशों में शामिल हैं.

पारंपरिक Gulf रास्तों से बदलाव

गैस के साथ-साथ एलपीजी के मामले में भी यह बदलाव साफ नजर आ रहा है। जुलाई 2026 में अमेरिका भारत के लिए एलपीजी का भी सबसे बड़ा सप्लायर बन गया और अकेले भारत की कुल एलपीजी जरूरत का 73 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया। जानकारों का मानना है कि यह बदलाव पारंपरिक गल्फ रूटों से हटकर एक नई दिशा में उठाया गया कदम है, जो मुख्य रूप से Strait of Hormuz में आ रही दिक्कतों और तनाव के कारण किया गया है। इस विविधीकरण से खाड़ी देशों के अलावा दूसरे ग्लोबल मार्केट से भी एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे भारत में रहने वाले आम नागरिकों और विदेशों में काम करने वाले प्रवासियों के परिवारों पर किसी भी प्रकार के ऊर्जा संकट का असर न पड़े। इस पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए आप ANI News की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं।

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