ओडेसा बंदरगाह पर जहाज पर हमला: दो भारतीय नाविक अभी भी लापता, तलाश में जुटी केंद्र सरकार

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एक जहाज पर हुए हमले के बाद से दो भारतीय नाविकों का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इस दुखद घटना के बाद से भारत सरकार और MEA लगातार उन दोनों की सुरक्षित वापसी और जानकारी जुटाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। जहाज का नाम MV AGN Ragnar बताया गया है, जो 25 जुलाई 2026 को इस घटना का शिकार हुआ था।
घटना की पूरी जानकारी
इस जहाज पर कुल चार भारतीय सवार थे, जिनमें से दो नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें सही सलामत बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने 4 अगस्त 2026 को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि लापता नाविकों को खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार इस पूरे मामले को काफी गंभीरता से देख रही है और कोई भी कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
खोज और बचाव अभियान के लिए भारत सरकार यूक्रेन और रोमानिया के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। इन दोनों देशों की मदद से तलाशी का काम आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और लगातार अपडेट ले रहा है। फंसे हुए या लापता लोगों के परिवारों की मदद के लिए दूतावास ने आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि उन्हें हर जरूरी सहायता तुरंत मिल सके।
भारत सरकार की प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अपने नागरिकों की सुरक्षा उनके लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। लापता हुए नाविकों के परिवारों के साथ मंत्रालय लगातार संपर्क में है और उन्हें हर संभव जानकारी दी जा रही है। इस मुश्किल समय में सरकार परिवारों को ढांढस बंधा रही है और उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि भारत सरकार हर मोर्चे पर काम कर रही है।
भारत ने इस बात पर फिर से जोर दिया है कि किसी भी हाल में व्यावसायिक जहाजों, नाविकों और आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। समुद्र में इस तरह की हिंसा और हमलों को भारत ने पूरी तरह से गलत बताया है। समुद्री क्षेत्र में शांति बनाए रखने और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का रुख एकदम साफ है। अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं, जहां से इस घटना की पुष्टि की गई है।