भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सख्त, खुली सीमा रहेगी लेकिन तस्करी रोकने के लिए अधिकारियों ने बनाई खास रणनीति.

Praggya Singh sabal21 August 20262 min read40 viewsIndia
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सख्त, खुली सीमा रहेगी लेकिन तस्करी रोकने के लिए अधिकारियों ने बनाई खास रणनीति.

भारत और नेपाल की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए ठाकुरगंज में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि दोनों देशों के बीच की खुली सीमा से किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियां या तस्करी न हो सके। अधिकारियों ने साफ किया है कि सीमा भले ही खुली रहेगी, लेकिन सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भारत-नेपाल सीमा जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक

यह उच्च स्तरीय बैठक 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज के परिसर में संपन्न हुई। इस बैठक में भारत और नेपाल दोनों तरफ के कई बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर करने के लिए यह 19वीं बैठक थी। बैठक के दौरान सीमा सुरक्षा को लेकर विस्तार से बातचीत की गई ताकि अपराधियों और तस्करों पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सके।

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अधिकारियों ने इस बात पर खास जोर दिया कि भारत और नेपाल की खुली सीमा दोनों देशों के नागरिकों के सामाजिक और आर्थिक रिश्तों की एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है। लोग दोनों तरफ आते-जाते हैं और व्यापार करते हैं। लेकिन इसी खुली सीमा का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व तस्करी जैसी अवैध वारदातों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए दोनों देशों की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल होना बहुत जरूरी है।

मादक पदार्थों और आर्थिक अपराधों पर लगेगी रोक

बैठक में विशेष रूप से मादक पदार्थों यानी ड्रग्स, प्रतिबंधित सामान की तस्करी, सीमा पार के अन्य अपराधों और आर्थिक अपराधों को रोकने के लिए चर्चा हुई। अधिकारियों ने आपसी सहयोग को बढ़ाने के कई नए तरीकों पर सहमति जताई। यह तय किया गया कि यदि किसी भी एजेंसी को सीमा क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध गतिविधि या गैर-कानूनी काम की भनक लगती है, तो तुरंत दूसरी तरफ के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।

आसानी से सूचनाओं का आदान-प्रदान होने से पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत एक्शन ले सकेंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति में दोनों देशों की कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई करेंगी ताकि अपराधियों को भागने का मौका न मिले।

बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में भारत की तरफ से किशनगंज के जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे। वहीं नेपाल की तरफ से झापा के प्रमुख जिला अधिकारी शिवराम गेलल और मोरंग के प्रमुख जिला अधिकारी युवराज कटेल ने हिस्सा लिया। इसके अलावा नेपाल पुलिस के पुलिस अधीक्षक, सशस्त्र पुलिस बल के कई वरिष्ठ अधिकारी और दोनों देशों के अन्य संबंधित विभागों के लोग भी वहां उपस्थित थे। इस पूरी बैठक का निचोड़ यही रहा कि आपसी भाईचारा और व्यापार प्रभावित न हो और सीमा खुली रहे, लेकिन देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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