भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा होगी मजबूत, संवेदनशील इलाकों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक उपकरण

भारत और नेपाल की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच हुई एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया है कि अब सीमा के संवेदनशील इलाकों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोका जा सके और दोनों देशों के बीच आवाजाही करने वाले आम लोगों को भी सहूलियत मिल सके।
भारत के देहरादून में हुई संयुक्त कार्यदल की बैठक
नेपाल गृह मंत्रालय के मुताबिक, प्रबंधन संयुक्त कार्यदल की 14वीं बैठक गुरुवार से भारत के देहरादून शहर में शुरू हुई थी। इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में सीमा से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर लंबी चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से दशगजा क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को रोकने, एकीकृत जांच चौकियों के पूर्ण संचालन और उनके सही उपयोग पर दोनों पक्षों के अधिकारियों ने खुलकर विचार-विमर्श किया।
बैठक के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस बात पर पूरी सहमति बनी कि सीमा क्षेत्र के बेहद संवेदनशील और जरूरी स्थानों पर आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाए। इसके तहत सुरक्षा निगरानी को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य आधुनिक उपकरणों को स्थापित किया जाएगा, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सकेगी.
नागरिकों की आवाजाही होगी आसान और आपदा प्रबंधन पर भी चर्चा
गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी ध्यान दिया गया। दोनों देशों के नागरिकों की सीमा पार आवाजाही को और अधिक सुगम बनाने के तौर-तरीकों पर बात हुई। इसके अलावा सीमा नाकों के रास्ते आने-जाने वाले तीसरे देशों के नागरिकों के लिए विशेष सुविधा और उनके लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र तैयार करने पर भी जोर दिया गया ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो सके।
इस उच्च स्तरीय बैठक में आपदा प्रबंधन के मुद्दों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई क्योंकि नेपाल और भारत के सीमावर्ती इलाकों में अक्सर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही, नेपाल-भारत जिला स्तरीय समन्वय बैठकों को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया ताकि स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सहयोग को और मजबूत किया जा सके।
अधिकारियों ने किया बैठक का नेतृत्व
इस महत्वपूर्ण 14वीं बैठक का नेतृत्व दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। नेपाल की तरफ से गृह मंत्रालय के सहसचिव आनंद काफ्ले इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे, जबकि भारत की ओर से गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी वासु ने बैठक की कमान संभाली। दोनों पक्षों के बीच आपसी तालमेल और सकारात्मक माहौल में सभी मुद्दों पर सहमति बनी।
बैਠक के अंत में यह भी तय किया गया कि इस संयुक्त कार्यदल की अगली यानी 15वीं बैठक दोनों पक्षों की आपसी सुविधा और सहमति के अनुसार आने वाले समय में नेपाल में आयोजित की जाएगी, जिसमें अब तक हुए कामों की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति पर बात होगी।