India-US Tariff Dispute: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद पर आया बड़ा बयान, ट्रंप और मोदी मिलकर निकालेंगे रास्ता

Praggya Singh sabal14 August 20263 min read47 viewsIndia
India-US Tariff Dispute: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद पर आया बड़ा बयान, ट्रंप और मोदी मिलकर निकालेंगे रास्ता

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर चल रही खींचतान के बीच व्हाइट हाउस की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है। व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दोनों देशों के बीच चल रहे सभी मतभेदों को सीधे बातचीत के जरिए सुलझा लेंगे। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच के पुराने और अच्छे कामकाजी संबंधों का हवाला देते हुए यह बात कही है।

वॉशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पीटर नवारो से रूस से भारत की तरफ से की जा रही तेल खरीद और प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ को लेकर सवाल पूछे गए थे। इसके जवाब में उन्होंने साफ किया कि ट्रंप और मोदी के आपसी संबंध काफी बेहतर हैं और दोनों मिलकर इस मामले का कोई ना कोई समाधान जरूर निकाल लेंगे। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिकी संसद में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर कड़े शुल्क लगाने को लेकर एक नया कानून चर्चा का विषय बना हुआ है।

अमेरिकी संसद में चर्चा में है नया कानून

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दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम से जुड़े इस नए प्रस्ताव के तहत कुछ खास परिस्थितियों में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक का भारी भरकम टैरिफ लगाने का प्रावधान रखा गया है। अमेरिकी सीनेट ने पिछले सप्ताह ही लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट, 2026 को 86-11 मतों के भारी बहुमत से मंजूरी दी थी। इस विधेयक के नियमों के अनुसार रूस के तेल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों और प्रतिबंधों से बचने में शामिल पांच प्रमुख देशों से आने वाले सामान पर यह कड़ा शुल्क लगाया जा सकता है।

हालांकि राहत की बात यह है कि इस विधेयक में भारत को अभी स्वतः टैरिफ लगाने वाले देशों की सूची में सीधे तौर पर नामित नहीं किया गया है। इसके बावजूद भारत पर संभावित शुल्क का अंतिम स्वरूप और उसका असर पूरी तरह से आगे होने वाली भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ताओं और अमेरिकी प्रशासन के आगामी फैसलों पर निर्भर करेगा।

रूस से तेल खरीद को लेकर कही गई ये बात

अपनी बातचीत के दौरान पीटर नवारो ने भारत की तरफ से रूस से की जा रही तेल खरीद का जिक्र करते हुए अपने एक पुराने लेख का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से भारत की रूसी तेल की खरीद में काफी तेजी आई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस से खरीदे गए तेल से जुड़े उत्पादों की बिक्री के जरिए भारत के व्यापार से सीधे तौर पर रूस को आर्थिक लाभ पहुंचा है।

हालांकि इतनी बड़ी बात कहने के बावजूद नवारो ने अपने इन आरोपों के समर्थन में मीडिया के सामने कोई भी आधिकारिक आंकड़ा पेश नहीं किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह संबंधित मुद्दा अब सुलझ चुका है, हालांकि उन्होंने यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया कि वह असल में किस पहलू के समाधान की बात कर रहे थे। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह साफ है कि दोनों देशों के शीर्ष नेता ही इस व्यापारिक तनाव को पूरी तरह खत्म करने के लिए अंतिम फैसला लेंगे।

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