Nepal Visit: भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ जाएंगे नेपाल, 16 अगस्त से पांच दिवसीय दौरा होगा शुरू.

भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ आगामी 16 अगस्त से नेपाल की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर काठमांडू पहुंचेंगे। यह महत्वपूर्ण दौरा नेपाली सेना के प्रमुख जनरल अशोक सिग्देल के औपचारिक निमंत्रण पर तय किया गया है, जिसे दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी रिश्तों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस उच्च स्तरीय यात्रा से भारत और नेपाल के बीच कई दशकों से चले आ रहे मजबूत सैन्य सहयोग और रक्षा संबंधों को एक नई दिशा मिलने की पूरी उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे।
मानार्थ महारथी की मिलेगी प्रतिष्ठित उपाधि
अपनी इस नेपाल यात्रा के दौरान भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना की तरफ से वहां की बेहद प्रतिष्ठित उपाधि 'मानार्थ महारथी' से सम्मानित किया जाएगा। यह विशेष सम्मान दोनों देशों की सेनाओं के बीच चली आ रही पारंपरिक मित्रता, आपसी भरोसे और गहरे रक्षा सहयोग का एक बहुत बड़ा प्रतीक माना जाता है। राजधानी काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन 'शीतल निवास' में आगामी 17 अगस्त को एक विशेष और भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल भारतीय थलसेना प्रमुख को अपने हाथों से इस उपाधि से अलंकृत करेंगे। इस गरिमामयी अवसर पर नेपाल सरकार के कई बड़े मंत्री, नेपाली सेना के आला अधिकारी और भारत के वरिष्ठ सैन्य तथा राजनयिक अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
दशकों पुरानी परंपरा और आपसी रिश्ते
भारत और नेपाल के बीच बहुत पुरानी और ऐतिहासिक परंपरा चली आ रही है, जिसके तहत दोनों देशों के थलसेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना के मानद जनरल की उपाधि से सम्मानित किया जाता है। इस अनोखी और मजबूत सैन्य परंपरा की शुरुआत साल 1950 के दशक में हुई थी और तब से लेकर आज तक इसे दोनों देशों के विशेष और अटूट रक्षा संबंधों का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा दोनों देशों के सैनिकों के बीच के आपसी भाईचारे और सम्मान को दर्शाती है, जो समय के साथ और अधिक मजबूत होती गई है।
द्विपक्षीय बैठकों में किन मुद्दों पर होगी चर्चा
अपने इस पांच दिवसीय नेपाल प्रवास के दौरान थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ नेपाली सेना के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की अहम द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा को पुख्ता करने, आपसी सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाने, संयुक्त सैन्य अभ्यास करने, आपदा प्रबंधन के समय मदद करने, क्षमता निर्माण और रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने जैसे तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की पूरी संभावना है। इस यात्रा से दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और बेहतर होगा।