नेपाल दौरे पर भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, शिवपुरी कमांड कॉलेज के अधिकारियों को दी खास सीख

Sushma Kumari18 August 20262 min read64 viewsIndia
नेपाल दौरे पर भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, शिवपुरी कमांड कॉलेज के अधिकारियों को दी खास सीख

नेपाल की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर गए भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने अपने दौरे के दूसरे दिन एक खास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मंगलवार को उन्होंने शिवपुरी स्थित नेपाली सेना के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज का दौरा किया और वहां ट्रेनिंग ले रहे सैन्य अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहने और अपनी पेशेवर दक्षता को और ज्यादा मजबूत करने की बात कही।

कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में हुआ अहम संबोधन

अपनी इस नेपाल यात्रा के तहत 18 अगस्त 2026 को जनरल धीरज सेठ शिवपुरी पहुंचे। यहां उन्होंने कमांड एंड स्टाफ कोर्स में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ खुलकर बातचीत की। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य सैन्य अधिकारियों को भविष्य की उच्च जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना होता है, ताकि वे कठिन समय में सही फैसले ले सकें और अपनी लीडरशिप क्षमता को निखार सकें। इस दौरान उन्होंने मध्य स्तर के सैन्य अधिकारियों की स्टाफ कार्यक्षमता को बढ़ाने वाले विभिन्न पहलुओं पर भी लंबी चर्चा की।

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यात्रा के अन्य मुख्य कार्यक्रम और परंपराएं

आपको बता दें कि भारतीय थल सेनाध्यक्ष 17 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यात्रा के पहले दिन यानी 17 अगस्त 2026 को उन्होंने टुंडीखेल स्थित आर्मी पैवेलियन में जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और नेपाली सेना मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर स्वीकार किया। इसके बाद नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन में एक विशेष अलंकरण समारोह के दौरान जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के मानद जनरल के पद से सम्मानित किया। जानकारी के लिए बता दें कि यह सम्मान दोनों देशों की सेनाओं के बीच साल 1950 से चली आ रही एक पुरानी और अनूठी परंपरा का हिस्सा है।

रक्षा मंत्रालय और अधिकारियों के बयान

इस पूरे दौरे को लेकर रक्षा मंत्रालय की तरफ से यह बात सामने आई है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच आपसी रक्षा सहयोग को और ज्यादा गहरा करना तथा दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत बनाना है। वहीं, नेपाली सेना के प्रवक्ता राजाराम बसनेट ने मानद रैंक दिए जाने की इस परंपरा को दोनों देशों के गहरे संबंधों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह नेपाल और भारत के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक रिश्तों के साथ-साथ मैत्रीपूर्ण सैन्य संबंधों की निरंतरता को साफ तौर पर दिखाता है।

विस्तृत प्रशिक्षण और आगे का कार्यक्रम

शिवपुरी में चल रहे इस कमांड एंड स्टाफ कोर्स में नेपाल समेत कुल 10 देशों के 92 अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें जनरल सेठ ने संबोधित किया। इस यात्रा के अंतिम दिन यानी 19 अगस्त 2026 को जनरल धीरज सेठ पोखरा जाएंगे। वहां वे पूर्व सैनिकों के लिए आयोजित एक बड़ी रैली में शामिल होंगे और वीर नारियों तथा वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों को सम्मानित करेंगे। इसके बाद वे भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत करके उसी दिन भारत वापस लौट आएंगे।

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