भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को नेपाल में मिला सम्मान, राष्ट्रपति ने सौंपी सैन्य और स्वास्थ्य सामग्री

भारत और नेपाल के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ इन दिनों नेपाल के दौरे पर हैं और उन्होंने वहां के सैन्य मुख्यालय में नेपाल सेना को जरूरी सैन्य और स्वास्थ्य सामग्री सौंपी है। दोनों देशों के बीच पुराने समय से ही रक्षा और कूटनीतिक स्तर पर गहरे संबंध रहे हैं, जो समय-समय पर इस तरह की मुलाकातों से और ज्यादा मजबूत होते हैं।
राष्ट्रपति ने दी मानार्थ महारथी की उपाधि
इस दौरे के दौरान नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के मानार्थ महारथी की उपाधि का दर्ज्यानी चिह्न प्रदान किया। जानकारी के लिए बता दें कि भारत और नेपाल के बीच यह एक पुरानी परंपरा चली आ रही है, जिसके तहत दोनों देशों के सेनाध्यक्षों को एक-दूसरे के देश में मानार्थ महारथी की उपाधि से सम्मानित किया जाता है। इस परंपरा से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी सम्मान और विश्वास साफ झलकता है।
जंगी अड्डा में हुआ स्वागत और पौधरोपण
नेपाली सेना के प्रधान सेनापति अशोकराज सिग्देल के खास निमंत्रण पर नेपाल पहुंचे जनरल धीरज सेठ काठमांडू के सैन्य मुख्यालय जंगी अड्डा पहुंचे थे। वहां पहुंचने पर उन्हें औपचारिक तौर पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यालय परिसर में पहुंचने के बाद भारतीय सेनाध्यक्ष ने वहां एक पौधा भी लगाया, जो पर्यावरण और दोनों देशों की दोस्ती का प्रतीक है। इसके अलावा उन्होंने सैनिक मंच, टुंडिखेल पर जाकर माल्यार्पण भी किया।
सामग्री के बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं
सैनिक प्रवक्ता सहायक रथी राजाराम बस्नेत ने मीडिया को बताया कि भारतीय सेना की तरफ से जो सैन्य और स्वास्थ्य सामग्री नेपाल सेना को दी गई है, उसमें असल में क्या-क्या सामान शामिल है, इसकी पूरी सूची अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। हालांकि, इस तरह की सहायता से दोनों देशों की सेनाओं के बीच का सहयोग और आपदा या जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करने का सिलसिला लगातार जारी रहता है। इस पूरी यात्रा की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है, जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी सैन्य सहयोग को लेकर कई अहम बातें साझा की गई हैं।