UAE में भारतीय दूतावास की बड़ी चेतावनी, वीज़ा और बायोमेट्रिक के नाम पर हो रहा है बड़ा फ्रॉड.

Aanya25 August 20263 min read66 viewsUAE
UAE में भारतीय दूतावास की बड़ी चेतावनी, वीज़ा और बायोमेट्रिक के नाम पर हो रहा है बड़ा फ्रॉड.

अबू धाबी में स्थित भारतीय दूतावास ने संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक बेहद गंभीर और जरूरी चेतावनी जारी की है। खासकर जो भारतीय भाई वहां पर ब्लू-कॉलर जॉब यानी मजदूरी या छोटे काम करते हैं, उन्हें फर्जी और धोखेबाज एजेंटों से बहुत सावधान रहने की जरूरत है। ये धोखेबाज लोग वीज़ा को सही कराने, इमरजेंसी सर्टिफिकेट बनवाने, व्हाइट पासपोर्ट, एग्जिट परमिट, आउटपास, अमीरात आईडी और नौकरी दिलाने के नाम पर सीधी-सादी जनता को अपने जाल में फंसा रहे हैं और उनके साथ बड़ा धोखा कर रहे हैं।

कैसे हो रहा है बायोमेट्रिक डेटा का गलत इस्तेमाल

भारतीय दूतावास की तरफ से यह बताया गया है कि ये स्कैमर्स लोगों से नौकरी या वीज़ा के नाम पर उनके बायोमेट्रिक डेटा ले रहे हैं। इसमें चेहरे का स्कैन, आंख का स्कैन यानी रेटिना स्कैन और उंगलियों के निशान यानी फिंगरप्रिंट शामिल हैं। एक बार जब ये लोग आपकी जरूरी और संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं, तो इसका गलत इस्तेमाल करके आपके नाम पर चुपचाप बैंक खाते खोल देते हैं, फर्जी लोन ले लेते हैं, क्रेडिट कार्ड जारी करवा लेते हैं या फिर बिना आपकी जानकारी के पैसों का लेन-देन करने लगते हैं।

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पीड़ित बेचारे आम लोगों को इस बात की भनक तक नहीं लगती है कि उनके साथ क्या खेल हो गया है। उन्हें तब इस बात का पता चलता है जब उनके ऊपर अचानक से भारी भरकम कर्ज, आर्थिक जुर्माना, यात्रा प्रतिबंध यानी ट्रैवल बैन लग जाता है या फिर उन्हें पुलिस पकड़कर जेल भेज देती है। इसलिए दूतावास ने साफ-साफ कह दिया है कि कोई भी व्यक्ति अपने पासपोर्ट, अमीरात आईडी, बायोमेट्रिक जानकारी, पर्सनल पासवर्ड या पैसों से जुड़ी कोई भी डिटेल किसी भी गैर-कानूनी एजेंट या निजी व्यक्ति को बिल्कुल न दे।

अधिकारिक जगहों पर ही दें अपने बायोमेट्रिक

अगर आपको वीज़ा नियमितीकरण या एग्जिट परमिट जैसे किसी भी सरकारी काम के लिए अपने बायोमेट्रिक स्कैन देने की जरूरत पड़ती है, तो इसे केवल और केवल UAE सरकार की अधिकृत सुविधाओं वाली जगहों पर ही दें। किसी भी प्राइवेट आदमी की बातों में आकर अपनी पहचान से जुड़ी चीजें शेयर न करें। भारतीय दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट या इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए वे कभी भी जनता से फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन या आंख का स्कैन नहीं मांगते हैं।

जो कामगार भाई वीज़ा खत्म होने की समस्या से जूझ रहे हैं, जिन पर भागने यानी absconding का केस चल रहा है या फिर कागजात से जुड़ी किसी भी मुसीबत में फंसे हैं, उनके साथ ठगी होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। जो भारतीय नागरिक किसी भी तरह की मदद चाहते हैं या जानकारी की पुष्टि करना चाहते हैं, वे तुरंत Pravasi Bharatiya Sahayta Kendra से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए वे टोल-फ्री नंबर 80046342 पर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए 00971543090571 पर मैसेज भी भेज सकते हैं या फिर pbsk.dubai@mea.gov.in पर ईमेल करके भी जानकारी ले सकते हैं।

शक होने पर तुरंत करें शिकायत

दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं पर भी कुछ संदिग्ध या गलत दिखे, तो इसकी जानकारी तुरंत भारतीय दूतावास और वहां के स्थानीय प्रशासन को दें। वीज़ा और इमीग्रेशन से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल और केवल सरकार के अधिकृत रास्तों और दफ्तरों का ही इस्तेमाल करें, ताकि किसी भी बड़ी मुसीबत से बचा जा सके। आप इस बारे में पूरी जानकारी Gulfhindi.com पर पढ़ सकते हैं और अपनी सुरक्षा खुद तय कर सकते हैं।

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