Indian Fishermen Arrest: श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों की लगातार गिरफ्तारी पर सांसद मणिकम टैगोर ने केंद्र सरकार से की सख्त हस्तक्षेप की मांग.

भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा एक बार फिर से जोर पकड़ चुका है और इस पर संसद में भी गंभीर चर्चा देखने को मिली है। 13 अगस्त 2026 को कांग्रेस सांसद Manickam Tagore ने लोकसभा के महासचिव को नियम 197 के तहत एक नोटिस सौंपा। इस नोटिस में उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह श्रीलंका द्वारा भारतीय मछुआरों को लगातार पकड़े जाने के मामले में तुरंत दखल दे। उन्होंने विदेश मंत्री S. Jaishankar का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया और सरकार से इस पर आधिकारिक बयान देने की मांग की ताकि स्थिति साफ हो सके।
मछुआरों की गिरफ्तारी और रामेश्वरम की घटना
यह मामला तब और गरमा गया जब रामेश्वरम के 9 मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने पकड़ लिया और उनकी नाव को जब्त कर लिया। यह घटना भी 13 अगस्त 2026 को ही हुई थी जब वे कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा को पार कर गए थे। सांसद मणिकम टैगोर के द्वारा दिए गए नोटिस में इस बात पर जोर दिया गया कि मछुआरों की गिरफ्तारी का यह सिलसिला लगातार चल रहा है। इससे पहले 6 अगस्त 2026 को रामनाथपुरम जिले के 11 भारतीय मछुआरों को नेदुनथीवू के पास से पकड़ा गया था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने भी उन मछुआरों की रिहाई के लिए अपील की थी और बताया था कि नाव में तकनीकी खराबी आने की वजह से वह गलती से श्रीलंकाई पानी में चली गई थी।
पिछले एक महीने के आंकड़े और पुरानी घटनाएं
सांसद द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले एक महीने में अकेले रामेश्वरम से 50 से ज्यादा मछुआरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 31 जुलाई 2026 तक की स्थिति के अनुसार तमिलनाडु के कुल 27 मछुआरे और उनकी 249 नावें श्रीलंका की हिरासत में हैं। अगर साल 2023 से अब तक की बात की जाए तो कुल 1,306 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया जा चुका है और श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा 179 नावें जब्त की जा चुकी हैं। इन लगातार हो रही कार्रवाई से तटीय इलाकों के परिवारों में काफी चिंता का माहौल बना हुआ है और वे सरकार से ठोस कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।
भारत और श्रीलंका के बीच कूटनीतिक बातचीत
सांसद मणिकम टैगोर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत कूटनीतिक बातचीत और एक स्थायी द्विपक्षीय तंत्र का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिसमें अगर कोई मछुआरा इंजन खराब होने या खराब मौसम जैसे कारणों से गलती से समुद्री सीमा पार कर भी जाता है, तो उसे गिरफ्तार करने के बजाय चेतावनी देकर वापस भेज दिया जाए और उसकी मदद की जाए। इस मामले पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 8 अगस्त 2026 को लोकसभा में एक बयान रखा था। उस बयान में उन्होंने बताया था कि भारतीय सरकार मछुआरों और उनकी नावों की जल्द रिहाई और वतन वापसी के लिए श्रीलंका के साथ लगातार बातचीत कर रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार भारतीय मछुआरों की भलाई को सबसे ऊपर रखती है और इस मानवीय मुद्दे को विभिन्न आधिकारिक तथा उच्च स्तरीय बैठकों में पूरी मजबूती से उठाया जाता है। इसके अलावा तमिलनाडु के प्रतिनिधियों सहित भारत-श्रीलंका संयुक्त कार्य समूह भी इन सभी चिंताओं पर लगातार काम कर रहा है। इस पूरी खबर की अधिक जानकारी के लिए आप ANI News और News On Air की रिपोर्ट देख सकते हैं।