Indian Professionals: विदेशों में नौकरी करना हुआ कठिन, अमेरिका और कनाडा ने बदले वीज़ा के नियम.

अगर आप विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि 1 अगस्त 2026 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के नियम काफी सख्त हो गए हैं। कई बड़े देशों ने अब वर्क परमिट और वीज़ा नियमों को कड़ा कर दिया है, जिससे भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए बिना सही दस्तावेजों के नौकरी पाना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा है।
अमेरिका और कनाडा में बदले नियम
अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए OPT प्रोग्राम के तहत $100,000 की भारी फीस का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे जुलाई 31 या अगस्त 1, 2026 से लागू किया जा सकता है। इसके अलावा, USCIS ने दिसंबर 2025 से वर्क परमिट की अवधि को 5 साल से घटाकर सिर्फ 18 महीने कर दिया है। वहीं, कनाडा ने भी 2 जून 2026 को स्पष्ट किया है कि केवल वही लोग बिना परमिट काम कर सकते हैं जो डिजिटल नोमैड हैं और कनाडा से बाहर के ग्राहकों के लिए काम करते हैं।
जॉब सीकर वीज़ा और जरूरी सावधानियां
जर्मनी और स्पेन जैसे देशों ने Job Seeker Visa की सुविधा दी है, जिससे आप वहां जाकर नौकरी ढूंढ सकते हैं। जर्मनी के लिए आपके पास स्नातक की डिग्री, 5 साल का कार्य अनुभव और लगभग ₹5 लाख की राशि होनी चाहिए। यह याद रखें कि दुनिया के 25 देशों में भारतीयों को जो वीज़ा-मुक्त यात्रा की सुविधा है, वह केवल घूमने के लिए है। किसी भी देश में बिना वर्क परमिट के नौकरी करना कानूनन गलत है और इसके लिए अलग से परमिशन लेना अनिवार्य है।