Red Sea में भारतीय जहाज पर हमला, यमन के पास हुआ बड़ा हादसा, बाल-बाल बचे 14 नाविक

Sushma Kumari4 August 20262 min read63 viewsIndia
Red Sea में भारतीय जहाज पर हमला, यमन के पास हुआ बड़ा हादसा, बाल-बाल बचे 14 नाविक

लाल सागर यानी Red Sea में एक बार फिर से सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं, जहां एक भारतीय ध्वज वाला कमर्शियल जहाज MSV Faize Noore Oliya हमले का शिकार हो गया। यह घटना 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास हुई, जब एक विस्फोटक से लदी नाव ने जहाज को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई और सभी 14 चालक दल के सदस्यों को यमन की नौसेना और तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया। रेस्क्यू किए गए लोगों में 13 भारतीय और एक यमनी नागरिक शामिल है।

भारत सरकार ने जताई कड़ी नाराजगी

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि समुद्री व्यापार मार्गों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। भारत सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर समुद्री व्यापार को फिर से सुरक्षित और स्वतंत्र बनाया जाना चाहिए। आप इस संबंध में अधिक जानकारी भारत सरकार की आधिकारिक प्रेस रिलीज पर देख सकते हैं।

सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

भारतीय दूतावास रियाद इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और यमन के अधिकारियों के साथ मिलकर चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगा है। भारत के बंदरगाह, जहाज और जलमार्ग मंत्रालय के तहत आने वाले DGMA ने जहाजों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक नया Seafarer-First ढांचा तैयार किया है। इसके अलावा, समुद्र में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की गई है, जिसमें भारतीय नाविकों को ईरान की तरफ भेजने को लेकर सावधानी बरतने और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को अतिरिक्त सुरक्षा रखने की सलाह दी गई है।

लाल सागर में बढ़ा तनाव

यह हमला अल-हुदायदा से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हुआ, जो इस इलाके में बढ़ते खतरों की ओर इशारा करता है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने जुलाई 2026 में सऊदी अरब के बंदरगाहों के खिलाफ एक तरह की नाकाबंदी का ऐलान किया था और तेल टैंकरों पर हमले करने का दावा भी किया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने 14 जुलाई 2026 को प्रस्ताव 2826 को मंजूरी दी है, जिसके तहत हूती हमलों की हर महीने रिपोर्ट दी जानी अनिवार्य कर दी गई है। यह नियम 15 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा ताकि समुद्री रास्ते से होने वाले व्यापार और जान-माल की रक्षा की जा सके।

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